नई दिल्ली. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर कथित भ्रामक दावों को लेकर Nestlé India और Hindustan Unilever Limited (HUL) को नोटिस जारी किए हैं। खाद्य नियामक ने कुछ उत्पादों पर किए गए दावों, लेबलिंग और ऑनलाइन विवरणों में नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर कंपनियों से जवाब मांगा है।
Horlicks के उत्पादों पर किए गए दावों की जांच
FSSAI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि Hindustan Unilever के Horlicks Women’s Plus Chocolate Nutrition Drink और Horlicks Mother’s Plus Kesar उत्पादों पर किए गए कुछ दावे संभावित रूप से भ्रामक पाए गए हैं। इनमें हड्डियों की मजबूती, शिशु के स्वस्थ जन्म-वजन और “No Added Sugar” यानी अतिरिक्त चीनी नहीं मिलाने जैसे दावे शामिल हैं।
नियामक के अनुसार, कुछ दावे लागू खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस मामले में कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। कंपनी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
Nescafé के उत्पादों की लेबलिंग पर भी सवाल
एक अन्य मामले में FSSAI ने Nestlé India और दो डेयरी निर्माताओं को Nescafé के रेडी-टू-ड्रिंक कॉफी पेय पदार्थों की लेबलिंग और ऑनलाइन उपलब्ध उत्पाद विवरणों को लेकर नोटिस जारी किए हैं।
नियामक ने उत्पादों के विवरण और उन पर घोषित खाद्य श्रेणी के बीच कथित विसंगतियों को लेकर चिंता जताई है। खाद्य उत्पादों की सही श्रेणी और स्पष्ट लेबलिंग उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति समझने में मदद करती है। ऐसे में संबंधित नियमों का पालन करना कंपनियों के लिए जरूरी है।
किडनी की बीमारी से जुड़े उत्पाद पर भी कार्रवाई
FSSAI ने Nestlé India को उसके Resource Renal Vanilla Flavour Powder को लेकर भी नोटिस दिया है। यह उत्पाद क्रोनिक किडनी डिजीज यानी गुर्दे की पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों के आहार प्रबंधन के लिए बनाया गया है।
नियामक के मुताबिक, इस उत्पाद का विपणन आवश्यक पूर्व मंजूरी के बिना किया गया। इसी आधार पर कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मामले में भी आगे की कार्रवाई कंपनी के जवाब और लागू नियमों के आधार पर तय की जाएगी।
कंपनियों के जवाब के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
FSSAI ने संबंधित कंपनियों से नोटिस का जवाब देने को कहा है। खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले दावों, पैकेजिंग पर दी गई जानकारी और नियामकीय मंजूरी से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
फिलहाल, नोटिस जारी होने का अर्थ अंतिम रूप से उल्लंघन साबित होना नहीं है। संबंधित कंपनियों के जवाब मिलने और मामले की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

