नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों, खासकर छोटे और सीमांत किसानों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी दिशा में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM AASHA) को महत्वपूर्ण योजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। सितंबर 2018 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और साथ ही उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।
PM AASHA के बजट में हुआ इजाफा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में पीएम आशा योजना के लिए बजट आवंटन लगातार बढ़ाया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत करीब 5,400 करोड़ रुपये का वास्तविक खर्च हुआ था। अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसका बजट बढ़ाकर 7,000 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है।
किसानों की आय और Price Assurance पर सरकार का फोकस
सरकार के अनुसार, पीएम आशा के लिए बजट बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को बेहतर Income Support उपलब्ध कराना और उनकी फसलों के लिए Price Assurance Mechanism को मजबूत करना है। इससे सरकार की कोशिश है कि किसानों को अपनी उपज के लिए MSP के अनुरूप उचित मूल्य मिल सके और बाजार में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम किया जा सके।
छोटे और सीमांत किसानों को MSP का लाभ पहुंचाने पर जोर
देश में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान खेती पर निर्भर हैं। ऐसे किसानों के लिए फसल का उचित मूल्य मिलना उनकी आय और आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। सरकार का कहना है कि PM AASHA के जरिए MSP के फ़ायदे को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
इस पहल के जरिए सरकार एक ओर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर Price Stability बनाए रखने की कोशिश भी की जा रही है। बजट में बढ़ोतरी को इसी व्यापक कृषि और किसान कल्याण नीति का हिस्सा माना जा रहा है

