नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के ISO Tank Containers के जरिए आयात और परिवहन को लेकर नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Petroleum (Amendment) Rules, 2026 का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत पेट्रोलियम से भरे या पेट्रोलियम भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले ISO टैंक कंटेनरों के आयात और परिवहन के लिए अधिकतम तीन साल तक की अनुमति देने की व्यवस्था की जा सकती है।
पूरी जानकारी देने पर 7 कार्यदिवस में मानी जाएगी मंजूरी
प्रस्तावित नियमों में एक नई Deemed Approval व्यवस्था शामिल करने की बात कही गई है। इसके तहत यदि आवेदक ने लाइसेंस या अनुमति के लिए सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेज सही तरीके से जमा कर दिए हैं, तो आवेदन पर सात कार्यदिवस के भीतर निर्णय नहीं होने की स्थिति में उसे मंजूर माना जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अनुमति प्रक्रिया को तेज करना और पेट्रोलियम के आयात तथा परिवहन से जुड़ी औपचारिकताओं को आसान बनाना है।
बिना अनुमति ISO टैंक में पेट्रोलियम आयात नहीं होगा
मसौदे के अनुसार, कोई भी व्यक्ति Chief Controller या Controller से आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना पेट्रोलियम से भरे अथवा पेट्रोलियम भरने के लिए निर्धारित ISO Tank Container का आयात नहीं कर सकेगा।
इसका मतलब है कि पेट्रोलियम पदार्थों की ढुलाई और आयात में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियामकीय अनुमति जरूरी होगी।
ऑनलाइन पोर्टल के जरिए करना होगा आवेदन
प्रस्तावित नियमों के तहत अनुमति के लिए आवेदन Petroleum and Explosives Safety Organisation (PESO) के ऑनलाइन लाइसेंसिंग पोर्टल के माध्यम से करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित तकनीकी जानकारी और सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक व्यवस्थित बनाना है, ताकि पेट्रोलियम के परिवहन से जुड़े सुरक्षा मानकों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके।
सरकार ने मांगे सुझाव और आपत्तियां
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस मसौदे को लेकर आम लोगों और संबंधित पक्षों से Objections and Suggestions मांगे हैं। मंत्रालय के मुताबिक, राजपत्र की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध होने की तारीख से 30 दिन पूरे होने के बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
इसके बाद ही प्रस्तावित संशोधनों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पेट्रोलियम परिवहन में सुरक्षा पर जोर
प्रस्तावित संशोधनों में अनुमति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ तकनीकी और सुरक्षा दस्तावेजों को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया गया है। इससे पेट्रोलियम जैसे ज्वलनशील पदार्थों के आयात और परिवहन के दौरान Safety Compliance को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यदि प्रस्तावित Petroleum Amendment Rules 2026 लागू होते हैं, तो ISO टैंक कंटेनरों के जरिए पेट्रोलियम के आयात और परिवहन से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

