नई दिल्ली. देशभर में NEET Paper Leak को लेकर जारी विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात बड़ा ऐलान किया। रात 11:52 बजे जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए तैयार किए गए नए कानून के मसौदे पर चर्चा होगी। इस प्रस्तावित कानून में Fast Track Courts बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का लक्ष्य मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इस विधेयक को संसद से जल्द से जल्द पारित कराना है।
‘युवाओं का भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरा दर्द दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके अनुसार, सरकार की पहली जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष खराब न हो और इसी वजह से जल्द से जल्द दोबारा परीक्षा कराई गई।
22 लाख छात्रों के लिए रिकॉर्ड समय में हुई परीक्षा
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को लगाकर करीब 22 लाख छात्रों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को परिणाम घोषित किए जा चुके हैं और देशभर से सफल छात्रों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।
अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, होगा सख्त कानून
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन केवल इतनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसलिए उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून तैयार करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के मुताबिक अधिकारियों ने पूरे दिन काम कर कानून का मसौदा तैयार किया, जिसे गुरुवार देर रात उनके सामने पेश किया गया।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में आएगा बिल
प्रधानमंत्री ने बताया कि शुक्रवार को कैबिनेट इस मसौदे पर चर्चा करेगी। मंत्रियों के सुझाव शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी।
NEET विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक माहौल
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब NEET Paper Leak को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी और संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं।
