नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 के तहत प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी से खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मौसम संबंधी एजेंसियों के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका है।
दिल्ली का AQI बढ़कर 244 पर पहुंचा
CAQM के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 179 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बाद बुधवार दोपहर 2 बजे AQI बढ़कर 244 हो गया और हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई।
आयोग ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी AQI के खराब श्रेणी में रहने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए GRAP-1 के उपाय लागू किए गए हैं।
GRAP-1 में किन चीजों पर प्रतिबंध?
GRAP-1 के तहत होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर जलाने के लिए कोयले और लकड़ी के ईंधन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है। इसके अलावा डीजल जनरेटर के उपयोग को भी सीमित किया जाता है। इन्हें केवल आपातकालीन या आवश्यक परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की अनुमति होती है।
GRAP के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता के स्तर के अनुसार अलग-अलग चरणों में कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य हवा की स्थिति और अधिक खराब होने से रोकना है।
AQI के स्तर के आधार पर लागू होते हैं GRAP के चरण
दिल्ली-NCR में GRAP को वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर चार चरणों में लागू किया जाता है। पहले चरण यानी GRAP-1 के तहत AQI 201 से 300 के बीच होने पर उपाय किए जाते हैं। दूसरे चरण यानी GRAP-2 को AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर लागू किया जाता है।
तीसरे चरण GRAP-3 के तहत AQI 401 से 450 के स्तर पर पहुंचने पर कड़े उपाय किए जाते हैं, जबकि GRAP-4 सबसे गंभीर प्रदूषण की स्थिति में लागू किया जाता है। AQI 450 से ऊपर होने पर इसके तहत सख्त कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद GRAP-1 के उपाय लागू किए गए हैं। आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
