हमीरपुर(भोरंज). किसानों और पशुपालकों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार पशु औषधालय व चिकित्सालय खोल रही हैं. लेकिन जाहू पशु औषधालय 20 साल से स्तरोन्नत होने की राह देख रहा है.
पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा स्तरोन्नत की मांग करने पर भी यह मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है. अब पंचायत प्रतिनिधियों व किसानों ने पशु पालन मंत्री अनिल शर्मा व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जाहू पशु औषधालय का दर्जा बढ़ाकर चिकित्सालय करने की मांग की है.
भोरंज उपमंडल की जाहू पंचायत तीन जिलों हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी के संगम स्थल पर है. यहां सभी ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है. ग्रामीणों की मांग पर किसानों और पशुपालकों की सुविधा के लिए तत्कालीन राजस्व मंत्री धर्म सिंह चौधरी ने जाहू में पशु औषधालय करीब 45 वर्ष पहले खोला था. पहले यह पशु औषधालय स्थानीय पंचायत घर में चलता था, लेकिन स्थानीय विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री ईश्वर दास धीमान ने 22 अप्रैल 2001 को पशु औषधालय भवन का उद्घाटन करके जनता को समर्पित किया.
पंद्रह सालों से जाहू पशु औषधालय अपने भवन में चल रहा है. पशु पालक ठाकुर सावन सिंह, बंशी राम, अमी चंद डोगरा, सूबेदार कृष्ण चंद कालिया, भूप चंद, जगदीश चंद, अजय चंदेल, बलदेव सिंह ठाकुर, शेर सिंह, सुकां राम, जौंड़ा राम, रतन चंद, विजय कुमार, सिमरो देवी, सोमा देवी, व्यासां देवी का कहना है कि जाहू पशु औषधालय में पशुओं के बीमार होने पर तमाम सुविधाएं नहीं मिलती.
इससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने पर पांच किलो मीटर भरेड़ी, हटवाड़ चिकित्सालय जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी हो रही है.