नई दिल्ली. झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC exams और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने यह आदेश दिया। हाईकोर्ट के फैसले से उन नवनियुक्त अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने सरकारी आदेश के खिलाफ अदालत का रुख किया था। याचिकाकर्ताओं सौरभ सिंह, अवधेश कुमार, दीप माला और सोनम कुमारी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वात्स ने पक्ष रखा।
39 परीक्षाएं रद्द, 6 को किया गया था स्थगित
राज्य सरकार ने कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए JPSC की 39 परीक्षाओं को रद्द करने और छह परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया था। इनमें हाल की recruitment drives के साथ-साथ कई वर्षों पुरानी परीक्षाएं भी शामिल थीं। इन परीक्षाओं के जरिए चयनित होकर अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे कई candidates ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
JSSC-CGL Cancellation बना सबसे बड़ा विवाद
पूरे मामले में JSSC-CGL examination को रद्द करने का फैसला सबसे ज्यादा विवादों में रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के अगले ही दिन करीब 2,000 चयनित उम्मीदवारों ने रांची में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी राज्य सचिवालय से बिरसा चौक की ओर मार्च करते हुए पहुंचे और सरकार के फैसले का विरोध किया।
इन candidates का कहना था कि कथित गड़बड़ी के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। प्रदर्शन में शामिल कई अभ्यर्थी पहले ही Finance, Home, Road Transport, Labour और Information & Public Relations जैसे विभागों में नियुक्त होकर काम कर रहे थे। कुछ उम्मीदवारों ने बताया कि JSSC-CGL में चयन के बाद उन्होंने दूसरी सरकारी नौकरियां और Public Sector Jobs तक छोड़ दी थीं।
‘गड़बड़ी की जांच हो, लेकिन उम्मीदवारों को सजा क्यों?’
नवनियुक्त कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें कथित irregularities की जांच से कोई आपत्ति नहीं है। उनकी मुख्य आपत्ति पूरी परीक्षा और selection process को रद्द किए जाने को लेकर है। उम्मीदवारों का तर्क है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उन candidates को दंडित नहीं किया जाना चाहिए जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की है।
इन 39 JPSC Exams को किया गया था रद्द
सरकार के फैसले के तहत जिन 39 परीक्षाओं और recruitment processes को रद्द किया गया, उनमें Universities में non-academic posts की भर्ती, Assistant Director/Senior Scientist, Drug Inspector, Assistant Professor, Lecturer, Medical Colleges में super-specialist Assistant Professor, Civil Judge, Assistant Conservator of Forests, Forest Range Officer और Assistant Public Prosecutor जैसी भर्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा Jharkhand Combined Civil Services Examination-2025, Combined Civil Services Examination-2023, Food Safety Officer, Child Development Project Officer, Soil Conservation Officer, Agriculture Officer, Dentist, Geologist and Chemist Recruitment, Combined Assistant Engineer Recruitment, Combined Civil Services Examination-2021 और Jharkhand Eligibility Test (JET) 2024 भी रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में शामिल हैं।
रद्द की गई परीक्षाओं में Advertisement 09/2025 के तहत विश्वविद्यालयों में non-academic posts की भर्ती, Advertisement 10/2025 और 11/2025 के तहत Assistant Director/Senior Scientist posts, Advertisement 12/2025 के तहत Drug Inspector और Advertisement 02/2026 से 04/2026 तक Assistant Professor तथा Lecturer की भर्तियां शामिल हैं।
इसी तरह Advertisement 07/2026 के तहत Medical Colleges में Assistant Professor (Super-specialist), Advertisement 22/2023 के तहत Civil Judge (Junior Division), Advertisement 03/2024 के तहत Assistant Conservator of Forests और Advertisement 04/2024 के तहत Forest Range Officer की भर्ती भी रद्द की गई थी।
पुरानी भर्तियों में 5th Combined Civil Services Recruitment (Advertisement 06/2013), Civil Judge (Junior Division) (Advertisement 10/2015), Civil Judge Special Recruitment (Advertisement 11/2015), Soil Conservation Officer (Advertisement 12/2015), Agriculture Officer recruitment, Food Safety Officer (Advertisement 01/2016), Dentist (Basic Cadre) और Combined Civil Services Examination (Backlog) जैसी परीक्षाएं शामिल थीं।
ये 6 परीक्षाएं की गई थीं स्थगित
सरकार ने छह examinations को cancel करने के बजाय postpone किया था। इनमें Food Analyst (Advertisement 05/2024), Deputy Director, Prosecution (Advertisement 03/2025), Project Manager and Equivalent (Advertisement 04/2025), Inspector of Factories (Advertisement 01/2025), Boiler Inspector (Advertisement 02/2025) और Director (Advertisement 07/2025) की परीक्षाएं शामिल हैं।
हाईकोर्ट के आदेश से नवनियुक्त अधिकारियों को राहत
JPSC exams cancellation पर हाईकोर्ट की रोक को उन candidates के लिए अहम राहत माना जा रहा है, जिन्होंने परीक्षा पास करने के बाद सरकारी सेवाओं में नियुक्ति हासिल की थी। अब सरकार के cancellation order के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान इस पूरे मामले के संवैधानिक और प्रशासनिक पहलुओं पर भी चर्चा होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने JPSC और JSSC से जुड़ी भर्तियों को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है।
