नई दिल्ली. राजस्थान विधानसभा के Monsoon Session 2026 की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन और BAP विधायकों की मांगों के बीच सदन के अंदर भी राजनीतिक माहौल गरम रहा। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा की कार्यवाही करीब 21 मिनट में ही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही सुबह 11:22 बजे स्थगित हुई।
विधानसभा पहुंचने से पहले कांग्रेस का पैदल मार्च
मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में Media Entry Ban जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक Foot March करते हुए पहुंचे।
विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कांग्रेस नेताओं को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस विधायकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ विधायक बैरिकेड्स पर चढ़ते हुए भी नजर आए। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, टीकाराम जूली समेत कई कांग्रेस नेता विधानसभा के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के करीब 3,000 स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और कई स्कूलों में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
डोटासरा ने शिक्षा विभाग में Teacher Transfer को लेकर भी सवाल उठाए और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने स्कूलों में परीक्षाओं से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सदन के भीतर जवाब देना चाहिए।
विधानसभा गेट पर धरने से गरमाया माहौल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोका गया। डोटासरा ने कहा कि विधानसभा के गेट नंबर 6 पर ताले लगाए गए और कांग्रेस नेताओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद पार्टी नेताओं ने बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हालांकि, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। लेकिन जिस तरह से Rajasthan Assembly Session के पहले दिन राजनीतिक टकराव देखने को मिला, उससे आने वाले दिनों में भी सदन के भीतर हंगामे के आसार बने हुए हैं।
मानगढ़ धाम को National Monument का दर्जा देने की मांग
कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP के विधायक भी विधानसभा परिसर के बाहर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। BAP ने Mangarh Dham को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग उठाई।
पार्टी का कहना है कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज के इतिहास और संघर्ष से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
Rajasthan Trees Bill को लेकर बढ़ी हस्तशिल्प उद्योग की चिंता
राजस्थान विधानसभा के इस मानसून सत्र में प्रस्तावित The Rajasthan Trees (Protection) Bill-2026 भी महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल है। इस बिल को लेकर राज्य के Handicraft Industry और Furniture Sector में चिंता बढ़ गई है।
प्रस्तावित कानून में पेड़ों की 29 प्रजातियों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का प्रावधान बताया गया है। इनमें बबूल और शीशम जैसी लकड़ी भी शामिल है, जिनका राजस्थान के फर्नीचर, हस्तशिल्प और सजावटी उत्पादों के कारोबार में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
बिना अनुमति प्रतिबंधित श्रेणी के पेड़ों को काटने पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है। ऐसे में हस्तशिल्प कारोबारियों और निर्यातकों को आशंका है कि यदि कानून में व्यावहारिक व्यवस्था नहीं की गई तो इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ सकता है।
12 हजार करोड़ रुपये के Export Business पर असर की आशंका
राजस्थान का Handicraft Export Industry लंबे समय से बबूल और शीशम की लकड़ी से तैयार उत्पादों के लिए जाना जाता है। इन लकड़ियों से Furniture, Decorative Items, Gift Products और अन्य Handicraft Products तैयार किए जाते हैं, जिनकी मांग विदेशी बाजारों में भी है।
राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम के कोऑर्डिनेटर नवनीत झालानी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बबूल और शीशम को प्रस्तावित प्रतिबंधित सूची से बाहर रखने की मांग की है। निर्यात क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि इन दोनों प्रजातियों पर प्रतिबंध का असर पूरे Handicraft Export Business पर पड़ सकता है।
उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के मुताबिक, राजस्थान का यह कारोबार हर साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित करता है और लगभग 7 लाख कारीगरों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। इसलिए निर्यातकों का कहना है कि Trees Bill में ऐसे प्रावधान होने चाहिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और उद्योग दोनों के हितों के बीच संतुलन बना रहे।
UCC और Private University Bill भी हो सकते हैं पेश
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में All Party Meeting आयोजित हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल और बीजेपी विधायक दल की अलग-अलग बैठकें भी हुईं।
इस सत्र में Rajasthan Trees Bill के अलावा UCC यानी Uniform Civil Code और एक Private University से संबंधित विधेयक भी सदन में लाए जाने की संभावना है। वहीं, GST Amendment Bill को लेकर अभी राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष जहां शिक्षा व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्तापक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति बना चुका है।
