नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश विधानसभा का Monsoon Session 21 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र को बुलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगा और इस दौरान सदन की कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं।
सत्र की शुरुआत 21 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। तारीखों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही विधानसभा में विधायकों की ओर से सवाल और अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दे उठाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन सवाल पूछ सकेंगे विधायक
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने बताया कि सत्र की तारीखें अधिसूचित होने के बाद विधायक अपने सवाल Online और Offline दोनों माध्यमों से जमा कर सकते हैं।
विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े Public Issues को सदन में उठाने का भी मौका मिलेगा। इसके जरिए विधायक सरकार का ध्यान स्थानीय समस्याओं और जनता से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित कर सकेंगे।
Monsoon Session में हंगामे के आसार
हिमाचल विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन में Ruling Congress और Opposition BJP के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
विपक्ष पहले से ही कांग्रेस सरकार पर BJP नेताओं के खिलाफ Political Vendetta यानी राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में BJP विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकती है।
Law Enforcement Agencies के कथित दुरुपयोग पर घेराव
BJP की ओर से सरकार को घेरने के लिए Law Enforcement Agencies के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया जा सकता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
चुनावी गारंटी का मुद्दा भी रहेगा अहम
मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस की ओर से 2022 विधानसभा चुनाव से पहले किए गए Poll Guarantees भी विपक्ष के निशाने पर रह सकते हैं। BJP सरकार से इन चुनावी वादों की प्रगति और उन्हें पूरा करने को लेकर जवाब मांग सकती है।
इसके अलावा प्रदेश में विकास कार्यों के लिए Funds Shortage का मुद्दा भी सदन में उठने की संभावना है। विपक्ष सरकार से यह जानना चाहेगा कि वित्तीय संसाधनों की कमी का असर सड़क, बिजली, पानी और अन्य Development Works पर कितना पड़ा है।
Illegal Mining और ‘Mafia Raj’ पर भी सवाल
हिमाचल प्रदेश में Illegal Mining और कथित ‘Mafia Raj’ भी विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकते हैं। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार से कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था पर जवाब मांग सकता है।
सत्र के दौरान स्थानीय समस्याओं से जुड़े सवाल भी सदन में उठेंगे। विधायकों के पास अपने क्षेत्रों की जनता से संबंधित मुद्दों को सरकार के सामने रखने का अवसर होगा।
सरकार और विपक्ष के बीच दिखेगा राजनीतिक टकराव
इस मानसून सत्र में होने वाली कुल 10 बैठकों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। एक ओर सरकार की ओर से सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी, जिसमें राजनीतिक जवाबदेही, विकास निधि, मतदान गारंटी, अवैध खनन कानून और व्यवस्था शामिल है।
21 अगस्त से शुरू होने वाला यह सत्र हिमाचल की राजनीति के लिहाज से इसलिए भी अहम है क्योंकि सदन में आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर सीधा टकराव देखने को मिल सकता है।

