नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat के 134वें संस्करण के माध्यम से देश-विदेश के नागरिकों को संबोधित किया। 2014 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम आज एक बड़े जनसंपर्क मंच के रूप में विकसित हो चुका है, जिसमें प्रधानमंत्री देशभर की प्रेरक कहानियों, सामाजिक पहल और उपलब्धियों को साझा करते हैं।
नागरिकों की प्रेरक कहानियों पर रहा फोकस
इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने समाज में बदलाव ला रहे आम नागरिकों की प्रेरक कहानियों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बस्ती के आकाश गुप्ता का उल्लेख किया, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर मनोहरा नदी से प्लास्टिक और जलकुंभी हटाकर उसकी सफाई की और स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाई।
इसके अलावा उन्होंने गोवा के सेवानिवृत्त शिक्षक बालकृष्ण अय्या की पहल का जिक्र किया, जिन्होंने पानी की कमी से जूझ रहे मैड्डी-तोला क्षेत्र में पाइपलाइन बिछवाने में सहयोग कर कई परिवारों तक पानी पहुंचाने में मदद की।
विज्ञान और खगोलशास्त्र में बढ़ती रुचि
प्रधानमंत्री ने देश में विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि और युवाओं में खगोलशास्त्र (Astronomy) के बढ़ते आकर्षण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी, खगोल मंडल, एस्ट्रो-केरलम और ISAAC जैसी संस्थाओं का उल्लेख किया, जो कार्यशालाओं और नाइट कैंप के माध्यम से विज्ञान को बढ़ावा दे रही हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे छुट्टियों के दौरान प्लेनेटेरियम और खगोल क्लबों से जुड़कर अंतरिक्ष विज्ञान को समझने की दिशा में आगे बढ़ें।
चोल काल की विरासत पर गर्व
पीएम मोदी ने हाल ही में नीदरलैंड यात्रा के दौरान चोल काल से जुड़े प्राचीन तांबे के तख्तों की भारत वापसी का भी जिक्र किया। ये ऐतिहासिक धरोहरें राजराजेंद्र चोल प्रथम से जुड़ी हैं, जो भारत की समुद्री शक्ति और वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी अमूल्य धरोहरों के संरक्षण और वापसी के लिए लगातार प्रयासरत है।
केरल की अनोखी तैराकी पहल
प्रधानमंत्री ने केरल के अलुवा में सजी वलासेरिल द्वारा चलाए जा रहे एक अनोखे स्विमिंग स्कूल का उल्लेख किया, जो बिना फीस और भवन के नदी में संचालित होता है। इस पहल के माध्यम से अब तक 15,000 से अधिक लोगों, जिनमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं, को तैराकी सिखाई जा चुकी है।
आम और किसानों की भूमिका पर चर्चा
पीएम मोदी ने भारत में आमों के महत्व पर भी चर्चा की और हापुस, केसर, दशहरी और लंगड़ा जैसी किस्मों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आम की खेती अब गांवों से आगे बढ़कर वैश्विक बाजार तक पहुंच रही है और इसमें किसानों की भूमिका बेहद अहम है।
हीटवेव से बचाव के लिए सावधानी की अपील
देशभर में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से गर्मी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग पर्याप्त पानी पिएं, धूप से बचें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने पारंपरिक पेय जैसे आम पन्ना, लस्सी, छाछ, सत्तू शरबत, कोकम शरबत, सोल कढ़ी, पनकम, नीरा मोर और बेल पन्ना का उल्लेख करते हुए इन्हें भारत की सांस्कृतिक धरोहर बताया।
खिलाड़ियों की प्रेरक यात्रा
इस एपिसोड में एथलीट अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की प्रेरक यात्राओं को भी शामिल किया गया। कुजूर ने स्कूल स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की अपनी कहानी साझा की, जबकि गुरिंदरवीर सिंह ने भारतीय नौसेना से स्प्रिंटर बनने तक के सफर को बताया।
