नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से ठोस और बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान आज जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि में विविधीकरण बेहद जरूरी है।
नई तकनीक और आधुनिक खेती अपनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समय की मांग है कि किसान नई तकनीकों को अपनाएं, आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दें और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि इन उपायों से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ते समय पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।
प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष बल
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए और उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि इससे न केवल मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि खेती की लागत भी कम की जा सकेगी।
उन्होंने राज्यों से अपील की कि फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने का काम मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों से की अपील
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों से पारंपरिक खेती के बजाय तकनीक आधारित और आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि सीमित संसाधनों का सही और संतुलित उपयोग ही कृषि को अधिक लाभकारी बना सकता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि वे फसल चयन और खेती के तरीकों को लेकर कृषि वैज्ञानिकों से परामर्श जरूर लें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
कई राज्यों के कृषि मंत्री और प्रगतिशील किसान हुए शामिल
एक दिवसीय इस क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) के प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार, और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि को आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाने की दिशा में फोकस
सम्मेलन में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाले समय में कृषि को केवल पारंपरिक ढांचे में नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और बाजार उन्मुख रणनीति के साथ आगे बढ़ाना होगा। सरकार का फोकस अब ऐसी कृषि व्यवस्था पर है, जिससे किसान आत्मनिर्भर, सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
