नई दिल्ली. भारत सरकार ने पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र को Climate Change के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए लगभग 3,000 Climate-Resilient Crop Varieties विकसित और जारी की हैं। सरकार के अनुसार, इन नई फसल किस्मों का उद्देश्य किसानों को सूखा, बाढ़, Heatwave और अन्य Extreme Weather Conditions से होने वाले नुकसान से बचाना है। सरकारी बयान के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2025 के बीच Indian Council of Agricultural Research यानी Indian Council of Agricultural Research (ICAR) के नेतृत्व वाले National Agricultural Research System के तहत कुल 2,996 Climate-Resilient Crop Varieties जारी की गईं।
नई खेती तकनीकों पर भी जोर
सरकार ने बताया कि केवल नई बीज किस्मों तक ही प्रयास सीमित नहीं हैं, बल्कि Sustainable Farming Practices को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत Direct-Seeded Rice, Zero-Tillage Wheat, Stress-Tolerant Crops और बेहतर Crop Residue Management जैसी आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाया गया है।
इन तकनीकों का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, जल संरक्षण बढ़ाना और Climate Risks को कम करना है।
NICRA Programme बना Climate Adaptation का आधार
भारत में कृषि क्षेत्र के Climate Adaptation प्रयासों की नींव वर्ष 2011 में शुरू किए गए National Innovations on Climate Resilient Agriculture Programme यानी NICRA पर आधारित है। यह कार्यक्रम ICAR द्वारा संचालित किया जाता है और इसका लक्ष्य स्थानीय जलवायु चुनौतियों के अनुसार नई कृषि तकनीकों का
विकास और प्रसार करना है। कार्यक्रम के तहत किसानों और कृषि से जुड़े अन्य हितधारकों को Training और Field Demonstration के माध्यम से Climate-Resilient Farming Practices की जानकारी दी गई है।
651 जिलों का Climate Vulnerability Assessment
सरकारी बयान में कहा गया है कि इस पहल के तहत Intergovernmental Panel on Climate Change यानी Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) के प्रोटोकॉल के अनुसार देश के 651 कृषि जिलों का Climate Vulnerability Assessment किया गया। इनमें से 310 जिलों को Highly Vulnerable या Very Highly Vulnerable श्रेणी में रखा गया है, जहां Climate Change का खतरा सबसे ज्यादा माना गया है।
448 Climate-Resilient Villages बनाए गए
सरकार ने Climate-Resilient Technologies को जमीन पर लागू करने के लिए 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 151 संवेदनशील जिलों में 448 Climate-Resilient Villages स्थापित किए हैं। इन गांवों में नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है ताकि दूसरे क्षेत्रों में भी इन्हें अपनाया जा सके।
Sustainable Agriculture Mission पर सरकार का फोकस
National Mission for Sustainable Agriculture के तहत सरकार Water-Use Efficiency बढ़ाने, Soil Health मजबूत करने और Sustainable Agricultural Systems को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Climate-Smart Agriculture भारत की Food Security और किसानों की आय दोनों के
लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
