नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भारतीय सेना का नया Land Warfare Doctrine 2026 जारी किया। इस डॉक्ट्रिन में भविष्य के युद्धों के लिए सेना को तैयार करने की रणनीति और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया गया है। इसमें Artificial Intelligence (AI), ड्रोन, सटीक हमले, उन्नत तकनीक और कई मोर्चों पर एक साथ अभियान चलाने की क्षमता को अहम स्थान दिया गया है।
नई डॉक्ट्रिन में आधुनिक युद्धों से मिले सबक को शामिल किया गया है। हाल के संघर्षों में मानवरहित प्रणालियों, लगातार निगरानी, संचार व्यवस्था में बाधाओं और सूचना युद्ध की बढ़ती भूमिका ने सैन्य रणनीतियों को प्रभावित किया है। ऐसे में भारतीय सेना भी अपनी युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारियों को नए दौर की चुनौतियों के अनुरूप ढालने पर जोर दे रही है।
Defence Forces Vision 2047 के अनुरूप तैयार की गई डॉक्ट्रिन
Land Warfare Doctrine 2026 को Defence Forces Vision 2047 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में क्षमताओं के एकीकरण और निर्णायक सैन्य एवं राजनीतिक परिणाम हासिल करने में थल सेना की अहम भूमिका पर जोर दिया गया है।
डॉक्ट्रिन के मुताबिक, भविष्य के युद्धों में केवल पारंपरिक सैन्य ताकत पर्याप्त नहीं होगी। तकनीक, खुफिया जानकारी, निगरानी, संचार और अलग-अलग सैन्य क्षमताओं के समन्वय का महत्व भी बढ़ेगा। इसलिए सेना को ऐसी परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार रहना होगा, जहां तकनीकी प्रणालियों और संचार नेटवर्क को चुनौती मिल सकती है।
आत्मनिर्भरता और Whole-of-Nation Approach पर जोर
नई डॉक्ट्रिन में Atmanirbharta यानी आत्मनिर्भरता को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। इसके तहत स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और युद्ध के दौरान जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
इसके साथ ही Whole-of-Nation Approach की अवधारणा को महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य रक्षा तैयारियों में सेना के अलावा राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे और अन्य संबंधित संस्थानों के समन्वय की भूमिका को रेखांकित करना है।
भविष्य के संघर्षों में सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए देश के विभिन्न संसाधनों और संस्थानों के बीच तालमेल महत्वपूर्ण माना गया है। यह दृष्टिकोण रक्षा तैयारियों को व्यापक राष्ट्रीय क्षमता से जोड़ता है।
सैनिकों को सशक्त बनाने और मानव-ड्रोन तालमेल पर फोकस
Land Warfare Doctrine 2026 में सैनिकों को अधिक सक्षम बनाने और मानव-मानवरहित प्रणालियों के संयुक्त इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। Man-Unmanned Teaming के तहत सैनिकों और ड्रोन जैसी मानवरहित तकनीकों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा, डॉक्ट्रिन में मानवीय नेतृत्व, मजबूत लॉजिस्टिक्स और कठिन तकनीकी परिस्थितियों में भी अभियान जारी रखने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया गया है। आधुनिक युद्धों में ड्रोन और अन्य स्वचालित प्रणालियों का उपयोग बढ़ने के साथ सैनिकों की निर्णय लेने की क्षमता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को भी अहम माना जा रहा है।
कमांडरों को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने की छूट
नई डॉक्ट्रिन का एक प्रमुख उद्देश्य सैन्य कमांडरों को खतरे, भौगोलिक परिस्थितियों और मिशन की जरूरतों के हिसाब से परिचालन रणनीति अपनाने की पर्याप्त लचीलापन देना है।
इसके साथ ही भारतीय सेना प्रशिक्षण व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसमें Multi-Domain Operations के प्रशिक्षण के लिए पांच साल का रोडमैप शामिल है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सैन्य क्षेत्रों में उपलब्ध क्षमताओं को एकीकृत करके अभियान चलाने की तैयारी को मजबूत करना है।
अधिकारियों के लिए AI कौशल विकसित करने का तीन-स्तरीय कार्यक्रम भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, सेना में ड्रोन संचालन को एक अतिरिक्त कौशल के रूप में विकसित करने की नई प्रशिक्षण नीति पर भी काम किया जा रहा है, ताकि अधिक सैनिक जरूरत पड़ने पर इन प्रणालियों का इस्तेमाल कर सकें।
2018 की डॉक्ट्रिन के बाद क्यों जरूरी हुआ बदलाव?
भारतीय सेना की पिछली Land Warfare Doctrine दिसंबर 2018 में जारी की गई थी। इससे पहले अप्रैल 2017 में सशस्त्र बलों की संयुक्त डॉक्ट्रिन जारी हुई थी।
2018 की डॉक्ट्रिन में भू-रणनीतिक परिस्थितियों, संघर्ष के विभिन्न स्तरों, Hybrid Warfare, कई मोर्चों पर अभियान, निगरानी, सटीक हमलों, सूचना युद्ध, अंतरिक्ष युद्ध और विशेष बलों जैसे विषयों को शामिल किया गया था। इसने भारत के उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों के लिए सैन्य रणनीतियां तैयार करने का आधार भी उपलब्ध कराया था।
हालांकि, 2018 के बाद वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों और युद्ध के तरीकों में कई बदलाव आए हैं। लद्दाख में Line of Actual Control (LAC) पर चीन के साथ लंबे समय तक चला सैन्य गतिरोध और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हुए संघर्षों ने भारतीय सेना की तैयारियों के सामने नई चुनौतियां रखी हैं।
इन संघर्षों में ड्रोन, मिसाइलों और Electronic Warfare की बढ़ती भूमिका ने दिखाया है कि भविष्य के युद्धों में तकनीकी क्षमता और विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करने की तैयारी कितनी महत्वपूर्ण होगी।
भविष्य के युद्धों के लिए सेना को तैयार करने की दिशा में कदम
Land Warfare Doctrine 2026 भारतीय सेना को तकनीक आधारित, अनुकूलनशील और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ सैनिकों के नेतृत्व, मजबूत आपूर्ति व्यवस्था और विभिन्न सैन्य क्षमताओं के समन्वय को भी अहमियत दी गई है।
नई डॉक्ट्रिन का व्यापक उद्देश्य बदलते युद्धक्षेत्र में सेना की तैयारी को मजबूत करना और उसे विभिन्न प्रकार के संघर्षों में प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाना है।

