नई द भारत में खुदरा महंगाई दर जुलाई 2026 में बढ़कर 4.45 फीसदी हो गई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से बुधवार को जारी Consumer Price Index (CPI) के आंकड़ों के मुताबिक जून में खुदरा महंगाई 4.38 फीसदी थी। यानी एक महीने के भीतर महंगाई दर में 0.07 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई के आंकड़े नए 2024=100 बेस पर जारी किए गए हैं।
ग्रामीण और शहरी महंगाई का क्या रहा हाल
जुलाई में ग्रामीण क्षेत्रों में CPI आधारित महंगाई दर 4.84 फीसदी रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.96 फीसदी दर्ज की गई। जून में ग्रामीण महंगाई 4.74 फीसदी और शहरी महंगाई 3.93 फीसदी थी। आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा।
खाद्य महंगाई बढ़कर 5.52 फीसदी
महंगाई बढ़ने में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का अहम योगदान रहा। Consumer Food Price Index (CFPI) पर आधारित खाद्य महंगाई जुलाई में बढ़कर 5.52 फीसदी हो गई, जबकि जून में यह 5.32 फीसदी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 5.79 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 5.05 फीसदी दर्ज की गई।
आवास क्षेत्र की महंगाई जुलाई में 2.22 फीसदी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में Housing Inflation 2.80 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 2.01 फीसदी दर्ज की गई। खाद्य एवं पेय पदार्थों की संयुक्त महंगाई 5.24 फीसदी रही। वहीं Restaurants और Accommodation Services में महंगाई 7.72 फीसदी दर्ज की गई। Personal Care, Social Protection और Miscellaneous Goods and Services श्रेणी में 14.77 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई, जो प्रमुख श्रेणियों में सबसे अधिक रही।
आलू और टमाटर की कीमतों में राहत
जुलाई में कुछ सब्जियों की कीमतों में सालाना आधार पर गिरावट देखने को मिली। आलू की कीमतों में 16.56 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि टमाटर 4.59 फीसदी सस्ता हुआ। भिंडी की कीमतों में 5.52 फीसदी और मटर में 5.27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे कुछ खाद्य वस्तुओं पर महंगाई का दबाव कम हुआ।
हालांकि दूसरी ओर कई वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भी हुई। चांदी के आभूषणों में 109.84 फीसदी की महंगाई दर्ज की गई। अदरक की कीमतों में 83.62 फीसदी और लहसुन में 35.36 फीसदी की वृद्धि हुई। सोना, हीरा और प्लैटिनम के आभूषणों की महंगाई 32.98 फीसदी रही, जबकि प्याज की कीमतों में 22.54 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई
2011 की जनगणना के अनुसार 50 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों में तेलंगाना में जुलाई के दौरान संयुक्त CPI महंगाई सबसे अधिक 6.32 फीसदी रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72 फीसदी और तमिलनाडु में 5.44 फीसदी महंगाई दर्ज की गई। पुडुचेरी में यह दर 5.41 फीसदी और मध्य प्रदेश में 4.91 फीसदी रही।
जुलाई में CPI इंडेक्स भी बढ़ा
राष्ट्रीय स्तर पर CPI इंडेक्स जुलाई में बढ़कर 107.94 हो गया, जबकि जून में यह 107.00 था। ग्रामीण CPI इंडेक्स 107.24 से बढ़कर 108.34 और शहरी CPI इंडेक्स 106.69 से बढ़कर 107.45 पर पहुंच गया। सरकार के मुताबिक जुलाई के दौरान देशभर में महंगाई से जुड़े आंकड़े जुटाने के लिए 1,407 शहरी बाजारों, जिनमें ऑनलाइन बाजार भी शामिल हैं, और 1,465 गांवों से डेटा एकत्र किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डेटा संग्रह की प्रतिक्रिया दर 100 फीसदी रही।
14 सितंबर को आएगा अगस्त का महंगाई आंकड़ा
सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अगस्त 2026 के CPI आंकड़े 14 सितंबर 2026 को जारी किए जाएंगे। यदि उस दिन अवकाश रहता है तो आंकड़े अगले कार्य दिवस पर जारी किए जाएंगे। जुलाई के आंकड़ों में खुदरा महंगाई और खाद्य महंगाई दोनों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब बाजार और नीति निर्माताओं की नजर आने वाले महीनों में कीमतों के रुझान पर बनी हुई है।

