शिमला. कर्मचारी आयोग हमीरपुर के चेयरमैन मोहन झारटा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद ने इनकी छुट्टियां रद्द कर इन्हें वापिस विवि बुलाने का निर्णय लिया है. विवि के समाजशास्त्र विभाग के प्रो झारटा को रजिस्ट्रार रहते हुए सरकार ने 17 जनवरी 2017 को आयोग का चेयरमैन लगाया था. सरकार का खासमखास होने का इन्हें तोहफा मिला था.
विश्वविद्यालय में कुलपति राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कार्यकारिणी परिषद की विशेष बैठक में इनकी वापिसी के लिए सोमवार को प्रस्ताव लाया गया था जिसे मंजूरी मिल गई है. कार्यकारिणी परिषद् की बैठक में समाज विज्ञान विभाग के आचार्य तथा वर्तमान में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. मोहन झारटा की ई.ओ.एल. रद्द करने का निर्णय लिया गया, क्योंकि विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में पिछले कई समय से कोई अध्यापक नहीं है.
यदि झारटा वापिस विवि नहीं लौटते है तो उन्हें त्यागपत्र देना होगा.
नड्डा के भाई जेबी नड्डा प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे….
कार्यकारिणी परिषद् ने हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय ने प्रबंधन स्कूल एम.बी.ए. के वरिष्ठ आचार्य डाॅ.जे.बी.नड्डा का विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निदेशक, सी.ई.सी. के पद पर नियुक्ति हेतु प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई. इसके अतिरिक्त मनोविज्ञान विभाग में नियुक्त सहायक आचार्य को समाचार पत्रों के माध्यम से विशेष नोटिस द्वारा सूचना देने का निर्णय लिया.
ए.बी.वी.पी व एस.एफ.आई. की सभी मांगों पर चर्चा की गई
बैठक में विशेष सचिव वित्त डी.डी.शर्मा, संयुक्त सचिव, उच्चतर शिंक्षा नरेश ठाकुर, निदेशक, उच्चतर शिक्षा
डाॅ. अमर देव, कुलसचिव, आचार्य कुलवन्त पठानिया, आचार्य एस.के.महाजन, सह-आचार्य डाॅ.विद्या सागर नेगी, डाॅ. कमल कान्त, प्राचार्य, महाविद्यालय करसोग व राजकुमारी भी उपस्थित रहे.