नई दिल्ली. कर्नाटक में जातिगत सर्वेक्षण (Caste Survey in Karnataka) को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर ही तनाव की स्थिति बन गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी ही पार्टी की सरकार द्वारा किए जा रहे Scheduled Castes (SC) Sub-Categorization Survey पर आपत्ति जताई है और सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।
खड़गे ने क्यों जताई चिंता?
विजयनगर जिले के होस्पेट में कांग्रेस सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित एक रैली में खड़गे ने कहा कि Beda Jangama समूह को अनुसूचित जाति में शामिल करना Dalit communities के अधिकारों के खिलाफ होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिसकी संख्या पहले सिर्फ 500 थी, वह अचानक 4-5 लाख कैसे हो गई?
खड़गे ने चेतावनी देते हुए कहा कि “SC आरक्षण प्रणाली को कमजोर करने की कोई भी कोशिश न राज्य के लिए ठीक है, न कांग्रेस पार्टी और न ही राहुल गांधी की छवि के लिए।”
सिद्धारमैया सरकार की SC Sub-Quota नीति पर उठे सवाल
CM सिद्धारमैया ने SC समुदाय के लिए Internal Reservation System लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत अनुसूचित जातियों की उप-जातियों को अलग-अलग आरक्षण देने का प्रावधान होगा। लेकिन Justice Nagamohan Das Commission द्वारा कराए जा रहे इस सर्वे को लेकर कई दलित संगठन और अब खुद खड़गे भी चिंता जता रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि जातिगत सर्वेक्षण जरूरी है लेकिन यह राजनीतिक क्रेडिट लेने के लिए नहीं, बल्कि सटीक और न्यायोचित डेटा के आधार पर होना चाहिए।
Beda Jangama: कौन हैं और विवाद क्यों?
Beda Jangama समुदाय को कर्नाटक सरकार की पिछली रिपोर्ट में Lingayat OBC और SC दोनों श्रेणियों में सूचीबद्ध किया गया था।
जाति सर्वेक्षण के अनुसार, Lingayat श्रेणी में Beda Jangama की संख्या 50,242 बताई गई थी
वहीं, SC श्रेणी के तहत यही संख्या 3.82 लाख दर्शाई गई
इस विसंगति ने शक को जन्म दिया है कि कई लोग फर्जी SC जाति प्रमाणपत्र के जरिए आरक्षण लाभ ले रहे हैं।
कांग्रेस के भीतर मतभेद या रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खड़गे का यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत विचार नहीं बल्कि एक संकेत है कि कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर जातिगत संतुलन को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
खड़गे की इस चिंता के पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
- Dalit वोट बैंक की नाराजगी से बचना
- Rahul Gandhi की राष्ट्रीय छवि को जातिगत विवादों से दूर रखना
Rahul Gandhi की छवि को लेकर विशेष चिंता
खड़गे ने कहा कि अगर यह सर्वे ठीक से नहीं किया गया, तो इससे Rahul Gandhi की बदनामी हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि “मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह सब राजनीति के लिए नहीं, बल्कि समाज सुधार के लिए होना चाहिए।”
Karnataka Caste Politics में Congress की दोराहे पर खड़ी रणनीति
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए जा रहे SC sub-quota caste survey ने पार्टी के भीतर ही विचारधारात्मक मतभेद पैदा कर दिए हैं।
जहां एक ओर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया social justice की दिशा में आगे बढ़ने का दावा कर रहे हैं, वहीं पार्टी प्रमुख खड़गे दलितों के हितों और राहुल गांधी की छवि को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं।
आने वाले समय में यह मामला न सिर्फ कर्नाटक विधानसभा चुनाव, बल्कि लोकसभा चुनाव 2024 में भी कांग्रेस के लिए राजनीतिक जोखिम बन सकता है।
