नई दिल्ली. NEET-UG 2026 री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पुनर्परीक्षण के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमान और हेलीकॉप्टर देशभर में प्रश्नपत्र पहुंचाने के काम में लगाए गए हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षित और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्रों के हवाई परिवहन की प्रक्रिया 16 जून से शुरू हुई और 17 जून तक जारी रहेगी। इस दौरान वायुसेना के परिवहन विमानों के जरिए देश के 20 से अधिक महत्वपूर्ण केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री पहुंचाई जा रही है।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। हालांकि परीक्षा के बाद बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अंदरूनी मिलीभगत के आरोप सामने आए थे। इन आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी।
अब 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को लेकर सरकार किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती। यही कारण है कि इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए सैन्य स्तर की व्यवस्था की गई है।
दुर्गम इलाकों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र
अधिकारियों के मुताबिक, वायुसेना के बड़े परिवहन विमानों के जरिए प्रश्नपत्र विभिन्न राज्यों के प्रमुख केंद्रों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इसके बाद दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए Mi-17 हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है।
मंगलवार को कई उत्तरी राज्यों में प्रश्नपत्र सफलतापूर्वक पहुंचा दिए गए, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की जांच के लिए ड्राई रन भी किए गए।
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली आर्म्ड रिजर्व ग्राउंड में एयरफोर्स हेलीकॉप्टर की ट्रायल लैंडिंग कर पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया, ताकि वास्तविक वितरण के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।
कई एजेंसियां मिलकर संभाल रही सुरक्षा व्यवस्था
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान परिवहन श्रृंखला के हर चरण पर तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, राज्य सरकारें और शिक्षा मंत्रालय आपसी समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। प्रश्नपत्रों के प्रत्येक पैकेट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और उनके मूवमेंट की रियल टाइम ट्रैकिंग की जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर भी रहेगा कड़ा पहरा
केवल प्रश्नपत्रों के परिवहन ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरे देश में परीक्षा के दौरान लगभग पांच लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को पूरी तरह अलग-थलग रखने, निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने जैसे कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं।
परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की कोशिश
सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का मानना है कि पिछले पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों का भरोसा फिर से जीतना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस बार परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम देश की सबसे सुरक्षित और निगरानी वाली परीक्षाओं में से एक होगी। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा का अवसर मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
