नई दिल्ली. Atal Pension Yojana (APY) को और आकर्षक बनाने के लिए सरकार इसकी अधिकतम मासिक पेंशन सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 करने पर विचार कर रही है। यह कदम खासकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बढ़ती महंगाई के बीच बेहतर सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है।
घटती भागीदारी को रोकने की कोशिश
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, APY के लगभग 9 करोड़ सब्सक्राइबर्स में से करीब आधे लोगों ने बीच में ही योगदान बंद कर दिया है। ऐसे में पेंशन राशि बढ़ाने से योजना में लोगों की रुचि बढ़ाने और उन्हें बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
FY31 तक योजना को मिली मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दिया है, ताकि लंबे समय तक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन सुरक्षा मिलती रहे।
पहुंच बढ़ाने के लिए नई रणनीति
सरकार योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए “पेंशन सखी” और बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स के जरिए जागरूकता और नामांकन बढ़ाने की योजना बना रही है।
असंगठित क्षेत्र के लिए बड़ी राहत
यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो औपचारिक नौकरी में नहीं हैं और जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता।
क्या है अटल पेंशन योजना
APY एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसमें 18 से 40 वर्ष तक के लोग शामिल हो सकते हैं। इसमें नियमित योगदान के आधार पर 60 वर्ष की उम्र के बाद तय पेंशन मिलती है।
योजना में सुधार की जरूरत क्यों
महंगाई बढ़ने के साथ ₹5,000 की सीमा को अपर्याप्त माना जा रहा है। इसलिए सरकार इसे बढ़ाकर ₹10,000 करने पर विचार कर रही है, ताकि योजना ज्यादा प्रभावी और उपयोगी बन सके।
वित्तीय सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे करोड़ों लोगों को बेहतर रिटायरमेंट सुरक्षा मिलेगी और देश में सामाजिक सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।
