नई दिल्ली. National Testing Agency (NTA) में परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद केंद्र सरकार बड़े स्तर पर Structural और Administrative Reforms करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था का उद्देश्य NTA की कार्यप्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इसके तहत एजेंसी में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति से लेकर Question Paper तैयार करने, Confidential Operations और Cyber Security तक कई स्तरों पर बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का फोकस ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें लापरवाही और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके।
NTA में वरिष्ठ अधिकारियों की होगी बड़ी भूमिका
नई व्यवस्था के तहत NTA को अत्यधिक Outsourcing पर निर्भर रखने के बजाय एजेंसी में स्थायी और अनुभवी अधिकारियों की भूमिका बढ़ाई जाएगी। इसके लिए IAS, IPS और IRS जैसे All India Services के वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने की योजना है। Directors और Joint Directors जैसे पदों पर भी स्थायी नेतृत्व तैयार किया जा रहा है, ताकि परीक्षा संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
इसके अलावा NTA में Chief Technology Officer (CTO), Chief Financial Officer (CFO) और Chief Information Security Officer (CISO) जैसे Specialized Roles को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे तकनीक, वित्तीय प्रबंधन और Cyber Security से जुड़े मामलों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
Question Paper तैयार करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
परीक्षाओं में गलत प्रश्न, Typographical Errors और Translation Mistakes जैसी समस्याओं को रोकने के लिए Question Paper Scrutiny System को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत Four-Tier Checking व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। यानी परीक्षा में प्रश्नों को शामिल करने से पहले उन्हें कई स्तरों पर जांचा जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के Question Papers में तथ्यात्मक गलती, भाषा संबंधी समस्या या अनुवाद की कोई बड़ी खामी न रह जाए। प्रश्नपत्रों की Printing या Digital Hosting से पहले उनकी कड़ी समीक्षा की जाएगी।
करीब 600 पुराने Expert Panels में बदलाव
NTA की Question Paper Setting प्रक्रिया में शामिल External और पुराने Subject Experts के Panels में भी बदलाव किया जा रहा है। करीब 600 External और Legacy Experts को मौजूदा व्यवस्था से हटाकर नए Domain Specialists को शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
सरकार का लक्ष्य ऐसे विशेषज्ञों की टीम तैयार करना है, जो संबंधित विषयों में विशेषज्ञता के साथ आधुनिक परीक्षा जरूरतों और गुणवत्ता मानकों को भी समझते हों। इससे Question Paper की Quality और Reliability को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
Confidential Operations में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
NTA की Confidential Operations यानी CONOPS व्यवस्था में भी बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं। परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और Question Papers को सुरक्षित रखने के लिए Isolated Rooms, सख्त Device-Deposit Rules और Air-Gapped Digital Systems का इस्तेमाल किया जाएगा।
Air-Gapped System का उद्देश्य संवेदनशील डिजिटल सिस्टम को बाहरी नेटवर्क से अलग रखना है, जिससे अनधिकृत Access और Data Leak के जोखिम को कम किया जा सके। परीक्षा से जुड़े गोपनीय कामों के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।
Central Delhi में NTA का नया हाई-सिक्योरिटी मुख्यालय
NTA Headquarters को Central Delhi में नए और अधिक सुरक्षित परिसर में स्थानांतरित करने की योजना भी बनाई गई है। नए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए Central Industrial Security Force (CISF) की तैनाती की जाएगी।
इस कदम का उद्देश्य NTA के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और Confidential Operations को एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इससे परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Nandan Nilekani की Task Force भी कर रही समीक्षा
NTA में बदलाव केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं हैं। Public Examination System में व्यापक सुधार के लिए Nandan Nilekani की अध्यक्षता में High-Powered Task Force भी काम कर रही है। यह Task Force परीक्षा व्यवस्था में Technology के बेहतर इस्तेमाल, पारदर्शिता और Stakeholder Feedback के आधार पर सुधार के सुझावों पर विचार कर रही है।
इसका उद्देश्य ऐसी Future-Ready Examination System तैयार करना है, जो बड़े पैमाने पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संचालित कर सके।
नकल और लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई
परीक्षा में Cheating, Paper Leak और प्रशासनिक लापरवाही को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act जैसे प्रावधानों के जरिए परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
कुल मिलाकर NTA में प्रस्तावित बदलावों का फोकस परीक्षा व्यवस्था को अधिक Secure, Transparent और Accountable बनाने पर है। Leadership, Technology, Question Paper Security, Cyber Protection और Legal Deterrence में एक साथ बदलाव के जरिए सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

