नई दिल्ली. झारखंड सरकार ने राज्य के लोगों और सरकारी कर्मचारियों को राहत देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सैलरी एडवांस और आसान ऋण सुविधा योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
जंगली जानवरों के हमले में मौत पर मिलेगा ₹10 लाख मुआवजा
कैबिनेट ने वन्यजीव हमलों से प्रभावित परिवारों को अधिक आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। नए प्रावधान के तहत जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अब 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले यह राशि 4 लाख रुपये थी।
सरकार ने यह भी तय किया है कि स्थायी रूप से दिव्यांग होने वाले पीड़ितों को 3.5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल होने पर 35 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को समयबद्ध तरीके से राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए एक सुव्यवस्थित व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी एडवांस और आसान लोन सुविधा
राज्य सरकार ने कर्मचारियों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैलरी एडवांस और आसान ऋण सुविधा योजना को मंजूरी दी है। यह योजना गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के माध्यम से संचालित की जाएगी।
योजना के तहत कर्मचारी अपनी तनख्वाह का एक हिस्सा 30 दिन पहले तक अग्रिम रूप से प्राप्त कर सकेंगे। यदि यह राशि उसी वेतन चक्र में लौटा दी जाती है तो किसी प्रकार का ब्याज या अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा लंबी अवधि के लिए आसान किश्तों में ऋण लेने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना से राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
संविदा कर्मियों के लिए समान वेतन व्यवस्था लागू होगी
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा आधारित कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतन में असमानता को दूर करने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने इन कर्मचारियों के लिए एक समान वेतन संरचना लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से चली आ रही वेतन संबंधी विसंगतियां समाप्त हो सकेंगी।
अमानत बैराज परियोजना और सड़क विस्तार को मिली स्वीकृति
कैबिनेट ने पलामू जिले की महत्वपूर्ण सिंचाई एवं कृषि परियोजना अमानत बैराज के लिए 947.26 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह परियोजना क्षेत्र में कृषि विकास और जल प्रबंधन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा रांची में नामकुम-दोरंडा सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 162.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत सड़क को चार लेन में विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
बोकारो और गोड्डा में कर्मचारियों की सेवाएं होंगी नियमित
कैबिनेट ने बोकारो और गोड्डा जिला समाहरणालयों में कार्यरत कुछ कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे संबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
झारखंड के नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को मंजूरी
राज्य सरकार ने अधिवक्ता रोहिताश्य राय को झारखंड का महाधिवक्ता नियुक्त करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
खनन क्षेत्र में कई प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
कैबिनेट ने बोकारो जिले के परबतपुर और सीतानाला कोयला ब्लॉक तथा गोड्डा जिले के जीतपुर कोयला ब्लॉक के लिए खनन पट्टों को मंजूरी दी है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में कुछ खनिज ब्लॉकों को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने का निर्णय भी लिया गया है।
महिला हेल्पलाइन और झारनेट 2.0 परियोजना का विस्तार
बैठक में महिला हेल्पलाइन 181 सेवा को जारी रखने का फैसला किया गया। साथ ही राज्य की डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए झारनेट 2.0 परियोजना के विस्तार को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा डैम सेफ्टी एक्ट के तहत स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के गठन और वन विभाग में हाइब्रिड संचालन मॉडल लागू करने का निर्णय भी लिया गया।
राज्य के विकास और जनकल्याण पर सरकार का फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कर्मचारियों के कल्याण, वन्यजीव प्रभावित परिवारों की सहायता और खनन क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से विकास कार्यों को गति मिलने के साथ-साथ आम लोगों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

