नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली को अधिक हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के रिज (Ridge) क्षेत्र को फिर से हरियाली से भरने के लिए एक विशेष Green Campaign शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में ऐसे पेड़ लगाए जाएंगे, जो 100 साल या उससे अधिक समय तक जीवित रहते हैं। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली की जैव विविधता, मिट्टी, जल संरक्षण और पर्यावरण को मजबूत बनाना है।
अमित शाह ने की अभियान की शुरुआत
यह अभियान उस कार्यक्रम के बाद शुरू किया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई और नरेला में नए बस डिपो, वाहन परीक्षण केंद्र तथा हाई सिक्योरिटी जेल जैसी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि दिल्ली के रिज क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे कांटेदार और विदेशी पेड़ हैं, जो देखने में हरियाली का एहसास तो कराते हैं, लेकिन पर्यावरण के लिए उतने लाभदायक नहीं हैं। इसलिए अब उनकी जगह देशी और लंबे समय तक जीवित रहने वाले पेड़ लगाए जाएंगे।
30 साल बाद रिज क्षेत्र को मिला नया संरक्षण
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 1994 में दिल्ली के 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन पिछले 30 वर्षों में इसका अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका। अब दिल्ली सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को आधिकारिक रूप से वन भूमि घोषित कर दिया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पूरे रिज क्षेत्र को कानूनी सुरक्षा भी दी जाएगी, जिससे यहां की हरियाली को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
पीपल, बरगद, नीम जैसे देशी पेड़ों पर रहेगा जोर
सरकार की योजना है कि अगले तीन वर्षों में पूरे रिज क्षेत्र में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे देशी पेड़ लगाए जाएं। ये पेड़ न केवल 100 साल या उससे अधिक समय तक जीवित रहते हैं, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने, भूजल संरक्षण बढ़ाने और जैव विविधता को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पेड़ों से दिल्ली में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ेगा, गर्मी का असर कम होगा और प्रदूषण से लड़ने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली को मिलेगा प्राकृतिक ‘ग्रीन लंग’
सरकार का लक्ष्य है कि रिज क्षेत्र को दिल्ली का “ग्रीन लंग” बनाया जाए। यानी ऐसा प्राकृतिक क्षेत्र, जो शहर की हवा को साफ रखने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इसके साथ ही वन्यजीवों के लिए बेहतर आवास तैयार होगा और मिट्टी व जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का कहना है कि यह अभियान सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, हराभरा और स्वस्थ दिल्ली मिल सके।

