नई दिल्ली. झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत हासिल कर ली है। गुरुवार को घोषित परिणामों में नथवानी को कुल 30 वोट मिले, लेकिन इनमें से दो मत अमान्य घोषित कर दिए गए। इसके बावजूद उनके खाते में 28 वैध वोट आए, जो जीत के लिए आवश्यक संख्या थी।
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले। इस नतीजे को राज्य की सियासत में महागठबंधन (INDIA गठबंधन) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी 30 वोट हासिल कर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। उनके पक्ष में पड़ा एक वोट अमान्य होने के बावजूद उनकी जीत सुनिश्चित रही।
भाजपा ने बताया महागठबंधन की बड़ी हार
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने परिणाम आने के बाद कांग्रेस और महागठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को सिर्फ 20 वोट प्राप्त हुए। उन्होंने इसे महागठबंधन की करारी हार बताया और नथवानी को जीत की बधाई दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नतीजों ने यह संकेत दिया है कि मतदान के दौरान कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर वोटिंग की, जिससे चुनावी समीकरण बदल गए।
परिमल नथवानी ने जताया आभार
जीत के बाद परिमल नथवानी ने सभी विधायकों और एनडीए नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में यह उनका चौथा कार्यकाल होगा और झारखंड से यह उनका तीसरा कार्यकाल है। उन्होंने कहा कि झारखंड ही वह भूमि है जहां से उनकी संसदीय यात्रा वर्ष 2008 में शुरू हुई थी।
नथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और एनडीए सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे झारखंड के विकास और राज्य की जनता की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
उन्होंने चुनाव से पहले भी अपनी जीत को लेकर विश्वास जताया था और कहा था कि उन्हें सभी विधायकों का समर्थन प्राप्त है। जब उनसे कांग्रेस विधायकों के समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि उन्हें सभी का सहयोग मिल रहा है।
तीन उम्मीदवारों ने मुकाबले को बनाया रोचक
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। सत्तारूढ़ गठबंधन के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने सीट बंटवारे के बाद एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा था। वहीं भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी को समर्थन दिया था।
इस तरह चुनावी मैदान में तीन उम्मीदवार थे—भाजपा समर्थित निर्दलीय परिमल नथवानी, जेएमएम के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा। दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों की मौजूदगी ने चुनाव को रोमांचक बना दिया था।
विधानसभा में हुआ मतदान, शाम को शुरू हुई मतगणना
राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड विधानसभा के 81 विधायकों ने मतदान किया। मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चला। इसके बाद शाम 5 बजे मतगणना शुरू की गई।
मतदान करने वालों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव तथा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर समेत सभी प्रमुख नेता शामिल रहे।
राज्यसभा में एनडीए की संख्या और मजबूत
झारखंड से परिमल नथवानी की जीत के बाद राज्यसभा में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए और उसके सहयोगी दलों की संख्या बढ़कर 153 पहुंच गई है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के चार सांसदों के इस्तीफे के कारण राज्यसभा की कुल प्रभावी सदस्य संख्या 241 है।
झारखंड के नतीजों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर कांग्रेस के लिए यह परिणाम चिंतन का विषय बन गया है, जबकि भाजपा और एनडीए इसे अपनी रणनीतिक सफलता के रूप में देख रहे हैं।

