नई दिल्ली : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे में अब तक 2,000 किलोमीटर से अधिक रूट पर ‘Kavach’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम को कमीशन किया जा चुका है।
रेल मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि Kavach एक स्वदेशी तकनीक है, जिसे खासतौर पर ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने और परिचालन सुरक्षा बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।
4,154 इंजनों में लगाया गया Kavach सिस्टम
अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि अब तक 4,154 लोकोमोटिव्स (Engines) में Kavach सिस्टम सफलतापूर्वक इंस्टॉल किया जा चुका है। यह सिस्टम ट्रेन ड्राइवर की गलती या सिग्नल उल्लंघन की स्थिति में अपने आप ट्रेन को नियंत्रित या रोकने की क्षमता रखता है।
रेल मंत्री ने कहा कि Kavach का विस्तार बहुत तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
40,000 से ज्यादा तकनीशियन और ऑपरेटर प्रशिक्षित
रेलवे की ओर से बताया गया कि अब तक 40,000 से अधिक तकनीशियन और ट्रेन ऑपरेटरों को Kavach सिस्टम पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नई तकनीक का संचालन और रखरखाव कुशल तरीके से किया जा सके।
क्या है Kavach सिस्टम और क्यों है यह खास?
Kavach (Automatic Train Protection System) एक स्वदेशी सुरक्षा तकनीक है
यह Signal Passing at Danger (SPAD) जैसी घटनाओं को रोकता है
तेज रफ्तार या टकराव की आशंका होने पर अपने आप ब्रेक लागू करता है
खराब मौसम या कम दृश्यता में भी ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाता है
मानवीय त्रुटियों से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम करता है
भविष्य में पूरे रेलवे नेटवर्क में विस्तार की योजना
रेलवे मंत्रालय का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक रूट्स, हाई-डेंसिटी सेक्शंस और प्रमुख ट्रंक लाइनों पर Kavach सिस्टम लागू करना है। इससे न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि भारतीय रेलवे का परिचालन वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो सकेगा।
Kavach सिस्टम भारतीय रेलवे के Safety Modernisation Programme का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। 2,000 किमी से ज्यादा रूट पर इसकी तैनाती और हजारों इंजनों में इंस्टॉलेशन यह संकेत देता है कि रेलवे दुर्घटना-मुक्त यात्रा के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
