नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है, जहां पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को टारगेट करते हुए एक coordinated drone attack की साजिश रची। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, पाकिस्तान ने 300 से 400 Turkish drones की मदद से 36 strategic locations पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय जवाबी कार्रवाई में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पाकिस्तान की विफल हमले की योजना
MEA द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Colonel Sophia Qureshi ने जानकारी दी कि पाकिस्तान ने भारत की military infrastructure में घुसपैठ करने के लिए Assitguard Songar drones का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि इन ड्रोन के मलबे की forensic analysis की जा रही है और अब तक के सबूत तुर्की के involvement की तरफ इशारा करते हैं।
Civilian Infrastructure भी था टारगेट
Foreign Secretary Vikram Misri ने कहा कि पाकिस्तान के इस हमले का मकसद सिर्फ सेना नहीं बल्कि Indian cities और civilian infrastructure को भी नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने कहा:
India ने proportionate, responsible और adequate response दिया है। पाकिस्तान द्वारा झूठे दावों और इनकार की रणनीति उसका पुराना तरीका है।”
भारतीय जवाबी हमला: पाकिस्तान में 4 सैन्य ठिकाने नष्ट
Wing Commander Vyomika Singh ने जानकारी दी कि भारत ने जवाबी कार्रवाई में armed drones के ज़रिए पाकिस्तान के चार air defense sites को नष्ट कर दिया, जिनमें से एक में AD Radar system भी शामिल था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने भारी तोपखाने और सशस्त्र ड्रोन का उपयोग कर LoC (Line of Control) के पार गोलाबारी की जिससे कुछ भारतीय जवान घायल हुए।
Civilian Airspace Still Open in Pakistan
व्यौमिका सिंह ने ये भी बताया कि 7 मई की रात 8:30 बजे के हमले के बावजूद पाकिस्तान ने अपना civilian airspace बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि:
Pakistan, नागरिक विमानों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि भारत की Air Defense प्रतिक्रिया सीमित रहे। इसके बावजूद Indian Air Force ने संयम से काम लिया और international civilian carriers की सुरक्षा सुनिश्चित की।
पाकिस्तान झूठ और प्रोपेगैंडा फैलाने में माहिर
Vikram Misri ने आगे कहा कि पाकिस्तान झूठ और प्रोपेगैंडा फैलाने में माहिर है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने Nanank Sahib Gurudwara पर भारत द्वारा हमले का झूठा आरोप लगाया और यह दावा किया कि भारत ने अपने ही शहरों पर हमले किए। यह सब एक misinformation campaign का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव फैलाना है।

