नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले तीन दिनों के लिए कोल्ड वेव (Cold Wave) की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आम लोगों और किसानों के लिए स्वास्थ्य और कृषि संबंधी सावधानियों के निर्देश भी दिए हैं।
IMD के अनुसार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बड़े हिस्सों में न्यूनतम तापमान 4°C से नीचे जाने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक ठंड में लंबे समय तक रहने से सर्दी, फ्लू, श्वसन संक्रमण, नाक बहना या बंद होना और नाक से खून आने जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
IMD के अनुसार, मैदानों में न्यूनतम तापमान 4°C या उससे कम होने पर कोल्ड वेव की घोषणा की जाती है। वहीं 4.5°C से 6.4°C सामान्य तापमान से कम होने पर भी कोल्ड वेव की स्थिति मानी जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 0°C या उससे नीचे होने पर कोल्ड वेव की घोषणा होती है। यदि तापमान सामान्य से काफी कम हो तो इसे सीवियर कोल्ड वेव (Severe Cold Wave) कहा जाता है।
IMD की सलाह है
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घने कोहरे (Dense Fog) के भी आसार जताए हैं। इस दौरान कई इलाकों में दिन के समय ठंड से लेकर अत्यधिक ठंड की स्थिति बनी रहेगी।
IMD की सलाह है, “कंपकंपाहट को नजरअंदाज न करें; यह संकेत है कि शरीर की गर्मी कम हो रही है। तुरंत अंदर आएं।”
विभाग ने लोगों को ठंड में बाहर जाने से बचने और विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
कृषि क्षेत्र के लिए IMD ने सुझाव दिया है कि पशुओं को ठंड से बचाया जाए और शाम के समय फसलों की हल्की और बार-बार सिंचाई करके तापमान के प्रभाव को कम किया जाए। इसके अलावा, किसानों को मल्चिंग (Mulching) करने और सब्जियों की नर्सरी या छोटे फलदार पौधों को घास या पॉलीथीन शीट से ढकने की सलाह दी गई है।
IMD ने कहा कि अगले तीन दिनों तक ठंड से कोई खास राहत नहीं मिलने की संभावना है। हालांकि, 16 जनवरी से एक मध्यम पश्चिमी विक्षोभ (Moderate Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
