नई दिल्ली. Modi-Trump Phone Call : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर हुई अहम बातचीत के दौरान साफ कर दिया कि भारत कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका सहित किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी बातचीत या समाधान संभव होगा, वहद्विपक्षीय ढांचा में ही होगा।
Operation Sindoor: आतंकियों पर India का Surgical Strike
यह बातचीत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पहली बार हुई। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को जानकारी दी कि भारत ने इस हमले के बाद Operation Sindoor लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान और PoK (Pakistan Occupied Kashmir) में मौजूद आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया। मोदी ने स्पष्ट किया कि यह targeted and measured response था और किसी भी तरह की युद्ध जैसी उग्रता नहीं दिखाई गई।
India’s Strong Message to Pakistan: आतंकवाद को युद्ध की तरह देखेगा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत आतंकवाद को proxy war नहीं बल्कि full-scale war की तरह देखता है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान के लगातार उकसावे और सीमापार आतंकी गतिविधियों के जवाब में की गई है। भारत ने ये स्पष्ट कर दिया है कि वो किसी भी cross-border terrorism को बिना जवाब के नहीं छोड़ेगा।
9 मई को तनाव बढ़ने से पहले भारत ने अमेरिका को सतर्क कर दिया
प्रधानमंत्री ने बताया कि 9 मई की रात से पहले ही भारत ने अमेरिका को सतर्क कर दिया था कि पाकिस्तान कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने पीएम मोदी से संपर्क किया था। मोदी ने दोहराया कि यदि पाकिस्तान कोई हमला करता है, तो India will retaliate with more strength.
भारतीय प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान ने युद्ध विराम की मांग की
भारत के जवाबी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ceasefire request आया। भारतीय सेना ने ना सिर्फ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, बल्कि पाकिस्तान की कई मिलिट्री इंस्टॉलेशंस और एयरबेस को भी निष्क्रिय किया।
मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं: भारत का दृढ़ रुख
मोदी ने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत ने कभी भी कश्मीर पर international mediation को स्वीकार नहीं किया है और न कभी करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी संवाद या समझौते Simla Agreement और Lahore Declaration जैसे द्विपक्षीय समझौतों के तहत ही होंगे। भारत की इस नीति पर nationwide political consensus है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता संघर्ष की कहानी का हिस्सा नहीं
इस बातचीत में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस समय चल रहे तनाव के दौरान ना तो India-US trade deal पर कोई चर्चा हुई और ना ही conflict de-escalation के लिए की कोई भूमिका रही है। बातचीत सिर्फ सैन्य चैनलों के जरिए हुई और पाकिस्तान के अनुरोध पर सीमित रही।
ट्रम्प ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन कियाराष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की ओर से दी गई जानकारी को सराहा और भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के समर्थन की फिर से पुष्टि की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह future visit to India के लिए उत्सुक हैं।
मोदी-ट्रंप फोन कॉल: कश्मीर, कश्मीर और इंडो-पैसिफिक पर हुई गहन चर्चा
दोनों नेताओं के बीच Iran-Israel conflict और Russia-Ukraine war जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही, Indo-Pacific region में strategic stability बनाए रखने के लिए Quad की भूमिका को भी अहम बताया गया। पीएम मोदी ने ट्रंप को अगली Quad Summit in India के लिए आमंत्रित किया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया।
