नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार को हंगामे के साथ हुई। लोकसभा की कार्यवाही पूर्व सांसदों और अन्य दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई, जबकि राज्यसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों ने सांसद के रूप में शपथ ग्रहण की। हालांकि, कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद NEET पेपर लीक मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
पहले दिन ही सरकार और विपक्ष आमने-सामने
मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्ष ने राम मंदिर दान विवाद, NEET पेपर लीक, सोनम वांगचुक का आंदोलन, E20 Petrol Policy और Delimitation जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं सरकार ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और महत्वपूर्ण विधेयकों पर रचनात्मक चर्चा में सहयोग की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्पादक सत्र की जताई उम्मीद
संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह संसद का उत्पादक सत्र भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक चर्चा और सहयोग की अपील की।
प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। साथ ही उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों और निजी स्टार्टअप Skyroot की सफलता की भी सराहना करते हुए कहा कि देश के युवाओं की क्षमता असीमित है।
सात अहम विधेयक पेश करने की तैयारी
इस मानसून सत्र के दौरान कुल 19 बैठकें होंगी और सरकार सात प्रमुख विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें इनकम टैक्स संशोधन बिल, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन बिल, MSME विकास संशोधन बिल, विदेशी योगदान विनियमन संशोधन बिल और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल शामिल हैं।
पहले दिन लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाना प्रस्तावित है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है।
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर भी नजर
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार Constitution (131st Amendment) Bill को दोबारा पेश कर सकती है। इस विधेयक में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है। हालांकि सरकार की ओर से इस पर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
विपक्ष ने दिए कई नोटिस
मानसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए हैं। मणिकम टैगोर और पी. सांडोश कुमार ने NEET Paper Leak पर चर्चा की मांग की, जबकि केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राम मंदिर दान मामले पर सदन में चर्चा कराने का नोटिस दिया। वहीं मनीष तिवारी ने नए Anti-Defection Law पर चर्चा की मांग उठाई।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
संसद सत्र और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संसद मार्ग, जंतर-मंतर, रायसीना रोड और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग, वाहन जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है।
हंगामेदार रहने के आसार
सरकार जहां महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में 13 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।

