नई दिल्ली. नई दिल्ली में मंगलवार को Election Commission के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। Naveen Patnaik की अगुवाई वाली Biju Janata Dal (BJD) के सांसद भी INDIA bloc के सांसदों के साथ विरोध मार्च में शामिल हुए।BJD हालांकि, BJD ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में शामिल होने का मतलब INDIA Alliance का हिस्सा बनना नहीं है। BJD सांसद Manas Mangaraj और Sulata Deo ने संसद परिसर से Election Commission की ओर निकाले गए मार्च में हिस्सा लिया। मार्च को Parliament Street के पास पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने धरना दिया और Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की।
BJD सांसद Sulata Deo ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदर्शन में शामिल हो रही है, लेकिन Naveen Patnaik पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि BJD न तो INDIA Alliance के साथ है और न ही NDA के साथ। उन्होंने पार्टी को एक जिम्मेदार regional political party बताया। इस बीच West Bengal की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने Naveen Patnaik को विपक्षी प्रदर्शनकारियों के प्रति solidarity दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दल Special Intensive Revision यानी SIR और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को लेकर Election Commission पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
इस मार्च में Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Lok Sabha में Leader of Opposition Rahul Gandhi समेत INDIA bloc के कई सांसद शामिल हुए। विपक्ष की ओर से CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि Form 6 में किए गए बदलावों और SIR की प्रक्रिया को लेकर Election Commission की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद कई सांसदों ने मौके पर धरना दिया और बाद में कुछ सांसदों को हिरासत में लेकर बसों से वहां से ले जाया गया।
Form 6 को लेकर Supreme Court की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
BJD ने इससे पहले भी Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि Election Commission ने SIR के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे Form 6 में किए गए बदलावों को Supreme Court की मंजूरी मिलने की बात कही थी। हालांकि, 5 अक्टूबर को Supreme Court ने स्पष्ट किया कि उसने Form 6 में किए गए किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी थी। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने CEC के खिलाफ अपने विरोध को और तेज कर दिया।
दरअसल, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में SIR से संबंधित अतिरिक्त declaration को लेकर विवाद सामने आया था। Election Commission ने पहले इस व्यवस्था का बचाव किया था, जबकि Supreme Court की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अदालत ने Form 6 में इस तरह के बदलाव को मंजूरी नहीं दी थी। इस मामले में Supreme Court ने Election Commission और केंद्र से संबंधित जानकारी भी मांगी है।
BJD नेता Lekhashree Samantsinghar ने आरोप लगाया कि Form 6 के मुद्दे पर Election Commission की ओर से दी गई जानकारी और Supreme Court की टिप्पणी में विरोधाभास है। उन्होंने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि लोगों का Election Commission पर भरोसा प्रभावित हुआ है। BJD नेताओं ने SIR के दौरान Odisha समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को BJD के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
BJD ने इसके साथ ही 2024 Odisha Assembly elections को लेकर भी EVM tampering के आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि कथित गड़बड़ियों के कारण उसे नुकसान हुआ। इन आरोपों पर राजनीतिक विवाद जारी है और इन्हें BJD के आरोप के तौर पर ही रिपोर्ट किया गया है। वहीं, Election Commission से जुड़े Form 6 विवाद पर आगे की प्रक्रिया Supreme Court और संबंधित चुनावी अधिकारियों के जवाबों पर निर्भर करेगी।
BJD का INDIA bloc से अलग रहने का दावा
BJD के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बावजूद पार्टी ने अपनी राजनीतिक स्वतंत्रता को रेखांकित किया है। Naveen Patnaik की पार्टी लंबे समय से खुद को BJP-led NDA और Congress-led INDIA bloc, दोनों से अलग बताती रही है। मंगलवार का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चुनावी प्रक्रिया और Election Commission से जुड़े मुद्दे पर BJD और INDIA bloc के सांसद एक ही विरोध कार्यक्रम में नजर आए। हालांकि BJD ने स्पष्ट किया है कि यह भागीदारी किसी औपचारिक गठबंधन का संकेत नहीं है।
