नई दिल्ली. राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर अपनी मजबूत राजनीतिक स्थिति का प्रदर्शन किया है। गुरुवार को राज्यसभा की 27 सीटों के लिए निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत 24 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ जैसे प्रमुख नेता भी शामिल हैं।
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद रिटर्निंग अधिकारियों ने निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र सौंप दिया। परिणामों में NDA को स्पष्ट बढ़त मिली है, जबकि कांग्रेस को भी कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर सफलता मिली है।
24 में से 19 सीटें NDA के खाते में
निर्विरोध चुनी गई 24 सीटों में से 19 सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं। इस परिणाम से राज्यसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हुई है।
राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, जिन 19 सीटों पर NDA ने जीत हासिल की है, उनमें से 16 सीटें पहले भी गठबंधन के पास थीं। इस तरह NDA को राज्यसभा में तीन सीटों का शुद्ध लाभ हुआ है। वहीं कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, लेकिन इनमें से चार सीटें पहले से उसके पास थीं, इसलिए उसकी संख्या में केवल एक सीट की बढ़ोतरी हुई है।
आंध्र प्रदेश और गुजरात में NDA का क्लीन स्वीप
आंध्र प्रदेश में NDA ने सभी चार सीटों पर कब्जा जमाया। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के बाश्यम रामकृष्ण, चिंताकायला विजय और साना सतीश बाबू के साथ जन सेना पार्टी के लिंगामनेनी रमेश निर्विरोध चुने गए।
गुजरात में भी भाजपा ने चारों सीटें जीत लीं। भाजपा के राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कांजरिया निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे।
कर्नाटक में कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन
कर्नाटक में कांग्रेस ने तीन सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Pawan Khera और मंसूर अली खान निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं भाजपा के एम. नागराजा को एक सीट मिली।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा मजबूत
मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इनमें Tarun Chugh, राजनीश अग्रवाल और महेश केवट शामिल हैं।
राजस्थान में भाजपा ने दो सीटें जीतीं, जहां सतीश पूनिया और अलका गुर्जर निर्विरोध चुने गए। कांग्रेस के नीरज डांगी भी राज्यसभा पहुंचे।
पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों में भी NDA को बढ़त
अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के ताई तागक, मणिपुर में अधिकारीमयुम शारदा देवी और मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के जेम्स के संगमा निर्विरोध निर्वाचित हुए।
महाराष्ट्र में एनसीपी के राजेंद्र जैन तथा ओडिशा में भाजपा के देबाशीष सामंतराय ने जीत दर्ज की। तमिलनाडु की एकमात्र सीट कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती के खाते में गई।
वाईएसआर कांग्रेस और बीजेडी को झटका
इन चुनावों में पूर्व आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। पार्टी ने अपनी तीन राज्यसभा सीटें गंवा दी हैं।
वहीं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री Naveen Patnaik के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) को भी झटका लगा। हाल ही में भाजपा में शामिल हुए देबाशीष सामंतराय राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए, जिससे सीट भाजपा के खाते में चली गई।
अब झारखंड और मिजोरम पर नजर
24 सीटों के परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक दलों की निगाहें झारखंड और मिजोरम पर टिकी हैं, जहां अभी मतदान होना बाकी है।
झारखंड में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच मुकाबला होगा। विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास बहुमत होने के कारण मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।
वहीं मिजोरम में एक सीट के लिए जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के के. लालतलुआंकिमा और मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की जोथानसांगी हमार चुनावी मैदान में हैं। विधानसभा में ZPM के पास स्पष्ट बहुमत होने से उसका उम्मीदवार मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
राज्यसभा में और मजबूत हुआ NDA
इन चुनाव परिणामों ने यह संकेत दिया है कि संसद के उच्च सदन में NDA की पकड़ और मजबूत हो रही है। हालांकि कांग्रेस ने कर्नाटक और तमिलनाडु में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, लेकिन कुल मिलाकर राज्यसभा के नए समीकरणों में सत्तारूढ़ गठबंधन को स्पष्ट लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर झारखंड और मिजोरम के नतीजों पर है, जो राज्यसभा की अंतिम तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।

