नई दिल्ली. NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। इससे पहले उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो चुकी थी।
CBI ने कहा- जांच अभी जारी, हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी बेहद महत्वपूर्ण चरण में है। एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। CBI ने अदालत को यह भी बताया कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
दो आरोपियों ने दायर की जमानत याचिका
मामले के दो आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिका भी दाखिल की है। महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग संस्थान चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की जमानत याचिका पर अदालत ने CBI से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। वहीं, आरोपी डॉ. मनोज शिरुरे की जमानत याचिका पर 14 जुलाई को सुनवाई होगी।
पहले भी खारिज हो चुकी है एक आरोपी की जमानत
इससे पहले अदालत मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। अदालत ने कहा था कि मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा। वहीं, आरोपी यश यादव को अदालत ने 21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी थी। साथ ही उसे कुछ शर्तों के साथ अपनी बहन की शादी में शामिल होने की भी इजाजत मिली थी।
पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी तलाश रही है CBI
जांच एजेंसी पूरे पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका थी, किसे इसका फायदा मिला और पैसों का लेन-देन किस तरह किया गया। एजेंसी इस पूरे मामले में बिचौलियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
20 जुलाई तक आ सकता है NEET-UG री-एग्जाम का रिजल्ट
इस बीच, NEET-UG 2026 री-एग्जाम का परिणाम 20 जुलाई तक जारी होने की संभावना है। रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थी neet.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। 21 जून को आयोजित री-एग्जाम में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

