नई दिल्ली. देश के कई कपास उत्पादक राज्यों में New Cotton Crop की शुरुआती आवक शुरू हो गई है। नई फसल मंडियों में पहुंचने के बावजूद कच्चे कपास यानी Raw Cotton के भाव फिलहाल मजबूत बने हुए हैं। प्रमुख मंडियों में कपास 9,200 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। खास बात यह है कि मौजूदा भाव सरकार के तय MSP (Minimum Support Price) से ऊपर हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ICE Cotton Futures की कीमतों में गिरावट और घरेलू स्तर पर यार्न की कमजोर मांग ने कारोबार की रफ्तार पर असर डाला है।
प्रमुख मंडियों में 9,200 से 9,500 रुपये क्विंटल भाव
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ इलाकों में खरीफ सीजन की नई कपास मंडियों में पहुंचने लगी है। रायचूर, बेल्लारी, अदोनी और यमीनिगुंटूर जैसे प्रमुख बाजारों में नमी और गुणवत्ता के आधार पर कच्चे कपास के भाव करीब 9,200 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बने हुए हैं।
केंद्र सरकार ने 2026-27 Marketing Season के लिए मध्यम रेशे वाले कपास का MSP 8,267 रुपये और लंबे रेशे वाले कपास का MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इस लिहाज से मौजूदा मंडी भाव दोनों श्रेणियों के MSP से ऊपर चल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का असर
कपास बाजार पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का भी असर देखने को मिल रहा है। ICE Cotton Futures में गिरावट के बाद भारत में कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपनी खरीद कीमत करीब 2,000 रुपये प्रति कैंडी यानी 356 किलो कम कर दी है। हालांकि, कम मांग के चलते इन घटे हुए भाव पर भी खरीदारी बहुत ज्यादा नहीं बढ़ी है।
वहीं, भारतीय कपास निगम यानी CCI (Cotton Corporation of India) ने फिलहाल अपनी कीमतों में बदलाव नहीं किया है। बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों की चाल आने वाले दिनों में घरेलू कपास बाजार के लिए अहम रहेगी।
यार्न की मांग कमजोर, मिलें कर रहीं इंतजार
कपास के मजबूत भाव के बीच Yarn Demand में कमजोरी कारोबारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। ऊंचे भाव पर यार्न खरीदने वाले ग्राहक कम होने के कारण कपड़ा मिलें भी नई कपास खरीदने से फिलहाल बच रही हैं।
जिन मिलों के पास पहले से कपास का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, वे नई खरीदारी करने के बजाय बाजार की स्थिति पर नजर रख रही हैं। यही वजह है कि नई फसल की मंडियों में एंट्री शुरू होने के बावजूद कपास कारोबार में अभी उम्मीद के मुताबिक तेजी दिखाई नहीं दे रही है।
गुजरात में भी नई कपास की आवक शुरू
गुजरात के कुछ इलाकों में भी नई कपास की सीमित मात्रा मंडियों में पहुंच रही है। राजकोट में कपास का भाव करीब 1,900 से 2,000 रुपये प्रति मन यानी 20 किलो बताया जा रहा है।
बुवाई में देरी के कारण इस साल नई फसल की आवक सामान्य से एक महीने से ज्यादा देर से शुरू हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर की शुरुआत से Cotton Arrival में तेजी आने की संभावना है। फिलहाल नई फसल की साप्ताहिक आवक करीब 50,000 गांठ है, जो अगले दो सप्ताह में बढ़कर लगभग 1 लाख गांठ प्रति सप्ताह हो सकती है। एक गांठ का वजन करीब 170 किलो होता है।
फसल की बेहतर पैदावार के लिए कुछ इलाकों में एक-दो दौर की बारिश की जरूरत भी बताई जा रही है। मौसम और फसल की स्थिति आने वाले समय में कपास की आवक और कीमत दोनों को प्रभावित कर सकती है।
कपास की बुवाई का रकबा थोड़ा घटा
कृषि मंत्रालय के 4 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में देश में कपास की बुवाई 109.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 109.87 लाख हेक्टेयर था। यानी सालाना आधार पर कपास का Sowing Area थोड़ा कम हुआ है।
अब बाजार की नजर नई फसल की बढ़ती आवक, अंतरराष्ट्रीय Cotton Prices, ICE Futures की दिशा और घरेलू कपड़ा मिलों की मांग पर रहेगी। नवंबर से मंडियों में कपास की आवक बढ़ने के बाद बाजार में सप्लाई का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन फिलहाल शुरुआती आवक के बावजूद कई प्रमुख मंडियों में कपास MSP से ऊपर कारोबार कर रही है।

