नई दिल्ली. नेशनल हेराल्ड मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक नई FIR दर्ज की है। आरोप है कि कांग्रेस से जुड़े एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को धोखाधड़ी के जरिए हासिल करने के लिए एक आपराधिक साजिश रची गई।
ED की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज
यह FIR उस शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है जो प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3 अक्टूबर को दर्ज कराई थी। इसके अलावा FIR में छह अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। ED ने अपनी जांच रिपोर्ट 30 जून 2024 को दिल्ली पुलिस को सौंपी थी और PMLA की धारा 66(2) के तहत दूसरी एजेंसी को मामला दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि AJL और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (Young Indian) के बीच हुए लेन-देन में गंभीर अनियमितताएँ थीं।
FIR में आरोपी कौन-कौन?
FIR में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा इन नामों का ज़िक्र है:
सैम पित्रोदा (Indian Overseas Congress Chief)
सुमन दुबे
तीन कंपनियाँ:
Associated Journals Limited (AJL)
Young Indian
Dotex Merchandise Private Limited
FIR में IPC की धाराएँ शामिल की गई हैं:
120B – आपराधिक साजिश
403 – संपत्ति का बेईमानी से हड़पना
406 – आपराधिक विश्वासघात
420 – धोखाधड़ी
डोटेक मर्चेंडाइज की भूमिका
FIR के अनुसार, कोलकाता की शेल कंपनी Dotex Merchandise Pvt. Ltd. ने 1 करोड़ रुपये दिए, जिसकी मदद से Young Indian नाम की कंपनी बनाई गई। इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत बताई जाती है।
आरोप है कि उसी Young Indian ने मात्र 50 लाख रुपये देकर AJL का नियंत्रण हासिल कर लिया, जिसके पास लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियाँ थीं।
FIR में क्या कहा गया है?
शिकायत में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी (AICC) ने AJL को लगभग 90 करोड़ रुपये का लोन दिया था,बाद में यह कर्ज वसूलने का अधिकार Young Indian को केवल 50 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया गया। इससे Young Indian को AJL की कीमती संपत्तियों पर नियंत्रण मिल गया।ED के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक पूर्व नियोजित साजिश जैसी दिखती है।
Young Indian को लाभ पहुँचाने वाली संपत्तियों की कीमत:
दिल्ली
मुंबई
पटना
लखनऊ
में स्थित संपत्तियों सहित, 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
सुनवाई टली, मामला फिर सुर्खियों में
यह FIR तब सामने आई जब एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने इस मामले में अपना फैसला 16 दिसंबर तक के लिए टाल दिया।
नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
National Herald अख़बार की शुरुआत 1938 में जवाहरलाल नेहरू और स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी इसे Associated Journals Limited (AJL) चलाती थी ।2008 में कर्ज बढ़ने के कारण अख़बार बंद हो गया
विवाद की शुरुआत 2012 में हुई जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि AJL की संपत्तियों को अवैध तरीके से Young Indian के नाम कर दिया गया।
