नई दिल्ली. केंद्र सरकार किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ शुरू करने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज हरियाणा के करनाल से इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान 30 नवंबर तक जारी रहेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों और अन्य कृषि संसाधनों के संतुलित एवं उचित इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनसे खेती की लागत को नियंत्रित करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता में मदद मिल सके।
मिट्टी की सेहत और खाद के सही इस्तेमाल पर जोर
‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर खाद और अन्य कृषि इनपुट का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान के माध्यम से मिट्टी और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ कृषि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए तिलहन, दलहन और बागवानी से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों का प्रभावी उपयोग करने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को लेकर भी किसानों को जागरूक किया जाएगा।
जैविक उत्पादों और प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
अभियान में जैविक एवं जैव-आधारित कृषि उत्पादों के सही इस्तेमाल को लेकर किसानों को प्रशिक्षण देने की योजना है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण सत्र और खेतों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान इन तरीकों को समझकर अपनी कृषि पद्धतियों में अपना सकें।
गांव से राज्य स्तर तक होंगे कार्यक्रम
अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर किसान सम्मेलन, किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभागों के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
किसानों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए स्थानीय भाषाओं में सूचना सामग्री भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही रेडियो, दूरदर्शन, सोशल मीडिया और अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।
टिकाऊ खेती और किसानों की समृद्धि पर फोकस
केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य मिट्टी और जल संरक्षण को मजबूत करना, खेती में संसाधनों का कुशल उपयोग बढ़ाना और कम लागत वाली कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है। सरकार को उम्मीद है कि किसानों की भागीदारी से कृषि की स्थिरता बेहतर होगी और लंबे समय में उनकी समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
यह अभियान टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में किसानों की भूमिका को मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

