नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में नई तकनीकों, सेवाओं और व्यावसायिक मॉडलों के परीक्षण को बढ़ावा देने के लिए Telecommunications (Regulatory Sandbox) Rules, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। इन नियमों के तहत कंपनियां, स्टार्टअप, शोधकर्ता और व्यक्ति निर्धारित शर्तों के साथ नई तकनीकों का नियंत्रित वातावरण में परीक्षण कर सकेंगे। जरूरत के अनुसार सरकार कुछ कानूनी प्रावधानों से छूट भी दे सकती है।
सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, ये नियम 21 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। इसका उद्देश्य नई दूरसंचार तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर शुरू करने से पहले उनकी उपयोगिता, सुरक्षा और प्रभाव का आकलन करना है।
कुछ कानूनी प्रावधानों से मिल सकती है छूट
नए नियमों के तहत केंद्र सरकार निर्धारित शर्तों के आधार पर Telecommunications Act, 2023 और Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) Act, 1997 के कुछ प्रावधानों से छूट दे सकती है। हालांकि, TRAI Act से संबंधित किसी भी छूट के लिए दूरसंचार नियामक TRAI से पहले परामर्श करना जरूरी होगा।
इन नियमों का मसौदा नवंबर 2024 में जारी किया गया था। सरकार ने बताया कि अंतिम नियम तैयार करने से पहले मसौदे पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार किया गया।
कौन कर सकता है आवेदन?
Regulatory Sandbox के तहत परीक्षण के लिए अधिकृत संस्थाएं, कंपनियां, सोसायटी, साझेदारी फर्म, वैधानिक निकाय, भारतीय नागरिक और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान आवेदन कर सकते हैं।
आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव जमा करना होगा। इसके साथ प्रयोगशाला या ऑफलाइन वातावरण में किए गए शुरुआती परीक्षण की रिपोर्ट, मांगी गई कानूनी छूट का विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज भी देने होंगे। आवेदन के लिए 10,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें मंजूरी दे सकती है या खारिज कर सकती है। इसके अलावा, सरकार अपने स्तर पर भी Regulatory Sandbox स्थापित कर सकती है।
24 महीने तक होगा नई तकनीकों का परीक्षण
नियमों के तहत प्रत्येक Regulatory Sandbox के उद्देश्य, पात्रता मानदंड, परीक्षण की शर्तें, जोखिम प्रबंधन और रिपोर्टिंग से जुड़े दायित्व निर्धारित किए जाएंगे।
एक Sandbox में परीक्षण की अवधि अधिकतम 24 महीने तक हो सकती है। निर्धारित शर्तों के अधीन इसकी अवधि एक बार में 12 महीने तक बढ़ाई जा सकती है। विस्तार के लिए मौजूदा मंजूरी समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन करना होगा।
परीक्षण की रिपोर्ट और परिणामों के आधार पर सरकार Sandbox को संशोधित शर्तों के साथ जारी रखने, उसे बंद करने या लागू कानूनों के अनुसार व्यावसायिक स्तर पर सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति दे सकती है।
परीक्षण के दौरान बाजार में बिक्री की अनुमति नहीं
नए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि Sandbox के तहत परीक्षण से गुजर रहे उत्पाद, सेवाएं, तकनीक, प्रक्रियाएं और व्यावसायिक मॉडल परीक्षण अवधि के दौरान बाजार में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए जा सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य नई तकनीकों को नियंत्रित माहौल में परखना है, ताकि उनके संभावित जोखिमों और चुनौतियों को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले समझा जा सके।
यूजर्स की सहमति और डेटा सुरक्षा जरूरी
परीक्षण में शामिल लोगों की सुरक्षा के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। आवेदकों को लागू डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा कानूनों का पालन करना होगा। परीक्षण में शामिल यूजर्स की पहले से सहमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, परीक्षण प्रक्रिया में भाग लेने वाले लोगों से इसमें शामिल होने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।
आवेदकों को परीक्षण के मानकों, स्थानों, परिणामों और यूजर्स की सहमति से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे। इन रिकॉर्ड को Sandbox की अवधि समाप्त होने के बाद कम से कम एक साल तक संभालकर रखना होगा। सरकार के निर्देश पर यह अवधि इससे अधिक भी हो सकती है।
नियमों के तहत Sandbox और उसके परिणामों की गोपनीयता बनाए रखना भी जरूरी होगा। हालांकि, सरकार स्वामित्व से जुड़ी गोपनीय जानकारी उजागर किए बिना स्वीकृत Sandbox और उसमें शामिल प्रतिभागियों के बारे में सामान्य जानकारी प्रकाशित कर सकती है।
परीक्षण पूरा होने के बाद 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
मंजूरी प्राप्त आवेदकों को परीक्षण पूरा होने के 15 दिनों के भीतर या Sandbox की वैधता समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले, लागू स्थिति के अनुसार, विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी।
रिपोर्ट में परीक्षण के नतीजे, यूजर्स की प्रतिक्रिया, शिकायतें, सुरक्षा संबंधी समस्याएं, सामने आई चुनौतियां, जोखिम कम करने के उपाय और परीक्षण गतिविधियों को बंद करने की प्रक्रिया का विवरण देना होगा। इसमें अनुबंधों और वित्तीय दायित्वों के निपटारे की जानकारी भी शामिल करनी होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर मंजूरी हो सकती है रद्द
सरकार को परीक्षण की निगरानी करने, डेटा और रिपोर्ट मांगने तथा नियमों के पालन और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी करने का अधिकार होगा।
यदि कोई आवेदक गलत जानकारी देता है, मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन करता है या प्रतिभागियों से नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कर पाता, तो सरकार उसकी मंजूरी निलंबित या रद्द कर सकती है।
यदि परीक्षण से किसी अधिकृत दूरसंचार कंपनी के नेटवर्क के संचालन में बाधा आती है, या राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा जनहित में कार्रवाई जरूरी होती है, तब भी मंजूरी निलंबित या रद्द की जा सकती है।
