नई दिल्ली: NITI Aayog ने आज देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण पॉलिसी रिपोर्ट जारी की। “भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली: गुणवत्ता संवर्धन के लिए सामयिक विश्लेषण और नीतिगत रूपरेखा” शीर्षक वाली यह रिपोर्ट पिछले एक दशक में भारत की स्कूल शिक्षा प्रणाली का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट में स्कूल शिक्षा से जुड़े प्रमुख पहलुओं जैसे पहुंच और नामांकन, बुनियादी ढांचा, समानता और समावेशन तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का विस्तार से अध्ययन किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विस्तृत नीति रोडमैप भी सुझाया गया है।
शिक्षा सुधार के लिए 13 प्रमुख सिफारिशें
रिपोर्ट में कुल 13 व्यापक सिफारिशें दी गई हैं। इनमें आठ सिस्टमिक और पांच अकादमिक सिफारिशें शामिल हैं। इन सिफारिशों में स्कूल संरचना में सुधार, कंपोजिट स्कूल मॉडल को बढ़ावा देने, साक्ष्य आधारित स्कूल रेशनलाइजेशन और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा रिपोर्ट में शिक्षण पद्धति, मूल्यांकन प्रणाली और फाउंडेशनल लर्निंग को बदलने की जरूरत बताई गई है। छात्रों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य को भी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने की बात कही गई है।
केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर तय की गई जिम्मेदारियां
रिपोर्ट में सुझाए गए सुधारों को लागू करने के लिए 33 कार्यान्वयन मार्ग भी बताए गए हैं। इन्हें अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों में बांटा गया है।हर स्तर पर केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की गई हैं ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रगति मापने के लिए 125 से अधिक संकेतक
रिपोर्ट में 125 से अधिक ऐसे प्रदर्शन संकेतक शामिल किए गए हैं जिनके जरिए शिक्षा सुधारों की प्रगति को मापा जा सकेगा। इससे राज्यों और शिक्षा विभागों को नीतियों के असर का आकलन करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट की खास बात यह है कि इसमें देशभर के केंद्र, राज्यों और जिलों के सफल शिक्षा मॉडलों और अच्छी पहल की केस स्टडी भी शामिल की गई हैं। इन उदाहरणों के जरिए अन्य राज्यों को भी बेहतर शिक्षा मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की गई है।
