नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक अगले महीने हरियाणा के समालखा में आयोजित होगी। संघ के शताब्दी वर्ष और बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
जनवरी 2026 में भाजपा की कमान संभालने के बाद नितिन नबीनका यह पहला आधिकारिक संघ दौरा होगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बैठक से पहले और बाद में Bharatiya Janata Party के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शताब्दी वर्ष पर रहेगा फोकस
बैठक का मुख्य केंद्र संघ के शताब्दी वर्ष (1925–2025) से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा होगा।
देशभर में चलाए गए अभियानों और गृह-संपर्क कार्यक्रमों का आकलन
आम जनमानस में संघ की पहुंच का मूल्यांकन
आगामी वर्ष की रणनीति और विस्तार योजनाएं
प्रतिनिधि सभा में वर्ष 2025-26 के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भावी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
BJP में बदलाव के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, समालखा बैठक में भाजपा प्रतिनिधिमंडल में कई नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। इसे आगामी चुनावों की तैयारी और संगठन को नई ऊर्जा देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
दिग्गज रहेंगे मौजूद
बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रहेगी, जिनमें शामिल हैं—
Mohan Bhagwat (सरसंघचालक)
Dattatreya Hosabale (सरकार्यवाह)
इसके अलावा भाजपा सहित संघ से प्रेरित 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी इस विचार-मंथन का हिस्सा बनेंगे।
इस अहम बैठक को संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय सुरक्षा और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
