नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन शुक्रवार को एक अनोखा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर दोपहर 3:30 बजे से ‘पब्लिक इम्पीचमेंट ऑफ ज्ञानेश कुमार’ यानी सार्वजनिक महाभियोग के नाम से मॉक संसद आयोजित होगी। इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान और चुनावी लोकतंत्र की भावना के उल्लंघन के आरोप लगाएंगे।
इस मॉक संसद की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार करेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद INDIA गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के प्रतिनिधि प्रस्ताव पर अपनी बात रखेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सबसे आखिर में संबोधन करेंगे।
मॉक संसद में विपक्षी दलों के नेता होंगे शामिल
इस कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीरा कुमार के शामिल होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी और माकपा के जॉन ब्रिटास समेत INDIA गठबंधन के कई नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। गठबंधन के सांसदों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। आयोजन का स्थान 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे का आवास रखा गया है।
CEC पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
विपक्षी गठबंधन ने इस कार्यक्रम की मुख्य थीम यह रखी है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान के अक्षर और भावना का उल्लंघन किया है। विपक्ष का आरोप है कि उनके कार्यकाल में चुनावी लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर हुई है और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सामने भी गलत जानकारी दी है।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगा सकते हैं। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।
संसद की कार्यवाही से अलग होगा विपक्ष का यह आयोजन
मॉक संसद का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। संसद के नियमित सत्रों में भी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिलता रहा है।
हालांकि, यह आयोजन संसद की आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा नहीं है। इसमें विपक्षी गठबंधन के नेता प्रतीकात्मक रूप से संसद जैसी चर्चा करेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने आरोपों को सार्वजनिक मंच से रखेंगे। कार्यक्रम का स्वरूप और वक्ताओं की सूची इसे विपक्ष के राजनीतिक अभियान का अहम हिस्सा बनाती है।

