नई दिल्ली: दिल्ली में बारिश के चलते INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम को एक दिन के लिए टाल दिया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को होने वाला यह कार्यक्रम अब शनिवार, 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर यह प्रतीकात्मक आयोजन होना है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सभी विपक्षी दलों की सहमति से कार्यक्रम को शनिवार तक स्थगित करने का फैसला लिया गया है। विपक्ष ने यह आयोजन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में करने की योजना बनाई है। गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं।
‘पूरा विपक्ष एकजुट है’, राहुल गांधी ने कही यह बात
कार्यक्रम स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के सभी दल एक साथ हैं और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका के कारण देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को नुकसान पहुंच रहा है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग अपने मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले मार्च में अपनी बात रखेंगे।
राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक संगठनों, सिविल सोसायटी, पत्रकारों और अन्य वर्गों के लोगों को भी मार्च में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की चिंता करने वाला हर व्यक्ति इस कार्यक्रम में आ सकता है।
मॉक संसद में खरगे पेश करेंगे प्रस्ताव, राहुल होंगे आखिरी वक्ता
INDIA गठबंधन ने इस कार्यक्रम को मॉक संसद का स्वरूप देने की तैयारी की है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पेश करेंगे। गठबंधन के अलग-अलग दलों के प्रतिनिधि इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखेंगे और राहुल गांधी के समापन संबोधन के बाद प्रतीकात्मक मतदान की योजना है।
इससे पहले गुरुवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक की थी। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल, मीरा कुमार, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी और माकपा के जॉन ब्रिटास सहित कई नेता शामिल हुए थे।
पहले नहीं मिले दूसरे स्थान, खरगे के आवास पर तय हुआ आयोजन
विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम के लिए पहले संविधान क्लब और तालकटोरा स्टेडियम जैसे स्थानों पर आयोजन करने की संभावना तलाशी थी, लेकिन वहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास को आयोजन स्थल तय किया गया।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े सवालों और कथित गड़बड़ियों पर उनकी चिंताओं का उचित समाधान नहीं किया। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ मार्च
पब्लिक इम्पीचमेंट कार्यक्रम के बाद INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ मार्च और रैली आयोजित करेगा। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।
इस मार्च में विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। गठबंधन का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं के मुद्दे को उठाया जाएगा।
इस तरह बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीख बदलने से विपक्ष की प्रस्तावित मॉक संसद अब रामलीला मैदान में होने वाली रैली से ठीक एक दिन पहले आयोजित होगी।

