नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण के तहत इज़राइल और हमास के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्र में लंबे समय तक शांति कायम करने में मदद करेगा।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘मजबूत नेतृत्व’ की भी सराहना की।
मोदी ने लिखा,
“हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता से राहत मिलेगी और यह क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
इज़राइल और हमास ‘पहले चरण’ की शांति योजना पर सहमत
गुरुवार को ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि इज़राइल और हमास उनके शांति समझौते के पहले चरण पर सहमत हो गए हैं। यह समझौता उस दो साल पुराने युद्ध को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, जो 7 अक्टूबर के हमलों के बाद शुरू हुआ था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों पक्ष जल्द ही सभी बंधकों और कैदियों की रिहाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इज़राइल अपनी सेना को एक तय रेखा तक पीछे हटाएगा।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल (Truth Social) पोस्ट में लिखा,
“सभी पक्षों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाएगा! यह अरब और मुस्लिम दुनिया, इज़राइल… सभी के लिए एक महान दिन है।”
नेतन्याहू ने कहा – यह कूटनीतिक और नैतिक जीत है
बाद में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस शांति योजना के पहले चरण को मंजूरी मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने इसे ‘कूटनीतिक सफलता’ और ‘राष्ट्रीय व नैतिक विजय’ करार दिया।
नेतन्याहू ने ट्रंप के प्रति आभार जताते हुए कहा कि,
“इज़राइल की सुरक्षा और हमारे बंधकों की आज़ादी के प्रति राष्ट्रपति ट्रंप की अटूट प्रतिबद्धता के लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं।”
उन्होंने आगे लिखा,
“शुरुआत से ही मैंने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक हमारे सभी बंधक वापस नहीं आते और हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं होते, हम चैन से नहीं बैठेंगे। दृढ़ संकल्प, मजबूत सैन्य कार्रवाई और हमारे महान मित्र राष्ट्रपति ट्रंप के अथक प्रयासों से हम इस अहम मोड़ पर पहुंचे हैं।”
