नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर दोपहर करीब 3 बजे संबोधन देंगे। विस्तारित बजट सत्र के तहत तीन दिन का विशेष सत्र शुरू हो गया है, जिसमें बड़े विधायी फैसलों पर चर्चा होने जा रही है।
तीन अहम विधेयक चर्चा के लिए पेश
संसद में आज संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पर विचार किया जा रहा है। इन विधेयकों को पेश किए जाने पर लोकसभा में वोटिंग भी हुई, जिसके बाद इन्हें चर्चा के लिए स्वीकार किया गया।
महिला आरक्षण को बताया समय की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देना आज की जरूरत है, जिससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत व सहभागी बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में किसी भी तरह की देरी दुर्भाग्यपूर्ण होगी।
पिछले प्रयासों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए कई प्रयास किए गए। विभिन्न समितियां बनीं और विधेयकों के मसौदे भी पेश हुए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि महिलाएं देश की लगभग आधी आबादी हैं और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।
विशेष सत्र में बड़े फैसलों की उम्मीद
इस तीन दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण, परिसीमन और लोकसभा सीटों के विस्तार जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका देश की राजनीति पर दूरगामी असर पड़ने की संभावना है।
