नई दिल्ली. राजस्थान में Civic Elections को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। नामांकन वापसी के आखिरी दिन राज्यभर में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के चुनावी मैदान से हटने के बाद कई जगहों पर सियासी विवाद खड़ा हो गया। उम्मीदवारों के पाला बदलने, कथित तौर पर पैसे का लालच देने, नामांकन वापस कराने के दबाव और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की घटनाओं ने स्थानीय चुनावों को चर्चा का विषय बना दिया। कुछ स्थानों पर स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और गिरफ्तारी की कार्रवाई की खबरों ने मामले को और गंभीर बना दिया।
10,112 उम्मीदवारों ने वापस लिया नामांकन
राजस्थान में निकाय चुनाव के लिए नामांकन वापसी की प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। इस दौरान कुल 10,112 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। वहीं, Scrutiny Process के दौरान 17 हजार से अधिक नामांकन पत्रों को खारिज किया गया। अब राज्य की 309 नगर निकायों के 10,245 वार्डों में कुल 38,891 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं।
आखिरी दिन कई जगह बदले सियासी समीकरण
नामांकन वापसी के अंतिम दिन कई इलाकों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आए। अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों के पाला बदलने और नामांकन वापस लेने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी। कई स्थानों पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी सामने आई।
नामांकन वापस कराने को लेकर दबाव और पैसे के आरोप
निकाय चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए कथित तौर पर पैसे या अन्य प्रलोभन दिए जाने के आरोप भी सामने आए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर चुनावी मैदान से उम्मीदवारों को हटाने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए। आखिरी घंटों में नामांकन वापसी को लेकर बढ़ी गतिविधियों ने स्थानीय चुनावों में चल रही राजनीतिक Bargaining को भी सामने ला दिया।
पुलिस की एंट्री से बढ़ा मामला
कई स्थानों पर उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ मामलों में पुलिस कार्रवाई और Arrest की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि गिरफ्तारी के अलग-अलग मामलों में आरोप और परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, इसलिए संबंधित पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही संख्या और धाराओं की पुष्टि की जानी चाहिए।
309 निकायों में अब आमने-सामने की लड़ाई
नामांकन वापसी और Scrutiny की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजस्थान के 309 Civic Bodies में चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। 10,245 वार्डों में 38,891 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में Campaigning के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों, पार्टी संगठन की ताकत और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभा सकती है।
नामांकन वापसी ने खोली स्थानीय राजनीति की तस्वीर
राजस्थान के निकाय चुनावों में नामांकन वापसी का अंतिम दिन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान से बाहर होने, राजनीतिक पाला बदलने, कथित प्रलोभन, विवाद, पुलिस हस्तक्षेप और कुछ मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई ने स्थानीय चुनावों के पीछे चल रहे राजनीतिक दबाव और रणनीति को उजागर किया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवार किस तरह मतदाताओं का समर्थन हासिल करते हैं और Rajasthan Civic Election Results में किस दल को इसका फायदा मिलता है।
