नई दिल्ली. राजस्थान सरकार ने महिला कर्मचारियों और सरकारी सेवा में प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारियों से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। वित्त विभाग ने 3 सितंबर को Rajasthan Service (Amendment) Rules, 2026 को लेकर Notification जारी किया। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इनमें महिला कर्मचारियों के लिए Child Care Leave, Surrogacy के मामलों में Maternity Leave और सरकारी कर्मचारियों के Training से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है।
महिला कर्मचारियों को साल में तीन बार Child Care Leave
नए नियमों के तहत नियमित महिला सरकारी कर्मचारी अब एक Calendar Year में अधिकतम तीन बार Child Care Leave (CCL) ले सकेंगी। हर बार ली जाने वाली छुट्टी की अवधि कम से कम पांच दिन की होगी। यानी महिला कर्मचारी जरूरत के अनुसार साल में तीन अलग-अलग मौकों पर बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी ले सकती हैं।
वहीं, अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा एकल महिला कर्मचारियों के लिए यह सुविधा और अधिक बढ़ाई गई है। ऐसी महिला कर्मचारी एक साल में अधिकतम छह बार Child Care Leave ले सकेंगी। इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों और सरकारी सेवा के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सुविधा देना है।
Surrogacy के मामले में Maternity Leave का प्रावधान
राजस्थान सरकार ने Surrogacy के मामलों में भी Maternity Leave को लेकर नए नियम लागू किए हैं। यदि Surrogate Mother और Commissioning Mother में से कोई एक या दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो उन्हें निर्धारित अवधि के अनुसार मातृत्व अवकाश दिया जा सकेगा।
नए प्रावधान के अनुसार, Surrogate Mother को अधिकतम 180 दिनों तक और Commissioning Mother को अधिकतम 90 दिनों तक Maternity Leave मिल सकेगी। यह अवकाश शुरू होने की तारीख से लागू होगा। इस दौरान महिला कर्मचारी को छुट्टी पर जाने से ठीक पहले मिल रहे वेतन के बराबर Leave Salary प्राप्त होगी।
Maternity Leave Leave Account में नहीं होगी दर्ज
Surrogacy से जुड़ी यह छुट्टी संबंधित महिला सरकारी कर्मचारी के Leave Account से नहीं काटी जाएगी। हालांकि, इस अवकाश की अलग से Entry कर्मचारी की Service Book में की जाएगी। इससे इस विशेष अवकाश का रिकॉर्ड अलग तरीके से सुरक्षित रहेगा।
Training पर जाने वाले Gazetted Employees के लिए Bond जरूरी
सरकार ने नौकरी के दौरान Training पर जाने वाले Gazetted Employees के लिए भी नियमों में बदलाव किया है। अब Training के लिए रिलीव होने से पहले कर्मचारी को सरकार के साथ Bond जमा करना होगा।
यदि कोई कर्मचारी Training के दौरान या Training पूरी होने के दो साल के भीतर इस्तीफा देता है या किसी दूसरी नौकरी को स्वीकार कर लेता है, तो सरकार द्वारा उसके Training पर किए गए खर्च और अन्य संबंधित Expenses की Recovery की जा सकती है। हालांकि, इस Recovery में कर्मचारी की Regular Salary, TA और DA को शामिल नहीं किया जाएगा।
इन सरकारी नौकरियों में जाने पर Training Cost नहीं होगी Recover
नए नियमों में कुछ संस्थानों को इस Recovery से बाहर रखा गया है। यदि Training पूरी करने के बाद कर्मचारी Central Government, किसी अन्य State Government, Government Undertaking, Semi-Government Organisation, Reserve Bank of India (RBI) या Regional Rural Bank में नौकरी प्राप्त करता है, तो Training Expenses की Recovery नहीं की जाएगी।
ऐसी स्थिति में कर्मचारी को नए Employer के साथ एक Bond देना होगा। इस Bond के तहत उसे अपनी निर्धारित बची हुई Service Period को नए संस्थान में पूरा करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
छह महीने से ज्यादा Training पर दो साल की सेवा जरूरी
सरकारी Training की अवधि के आधार पर भी Service Obligation तय किया गया है। यदि किसी कर्मचारी की Training तीन महीने से अधिक और छह महीने तक रहती है, तो Training पूरी करने के बाद उसे कम से कम एक साल तक State Government Service में रहना होगा।
वहीं, छह महीने से अधिक अवधि की Training लेने वाले कर्मचारियों के लिए Training पूरी करने के बाद राज्य सरकार में कम से कम दो साल की सेवा करना जरूरी होगा। यदि कर्मचारी निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले सरकारी नौकरी छोड़ देता है, तो सरकार को Training पर हुए खर्च की Recovery करने का अधिकार होगा।
तत्काल प्रभाव से लागू हुए नए नियम
राजस्थान वित्त विभाग की ओर से जारी Notification के बाद ये संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। Rajasthan Service (Amendment) Rules, 2026 में किए गए बदलावों से एक ओर महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए Child Care और Surrogacy से जुड़े Leave Rules में राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी Training पर होने वाले खर्च और कर्मचारियों की Service Commitment को लेकर नियम अधिक स्पष्ट किए गए हैं।