नई दिल्ली. राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार 16 जून से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान में भी मौसम तेजी से बदल रहा है
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार मानसून छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका है और वातावरण में बढ़ रही नमी के कारण राजस्थान में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं।
शाम के समय तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में पेड़ उखड़ गए
रविवार को अजमेर, कोटा, टोंक, दौसा और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर धूल भरी आंधी भी चली। शाम के समय तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में पेड़ उखड़ गए, जबकि बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
राजधानी जयपुर में दिनभर बादल छाए रहे
राजधानी जयपुर में दिनभर बादल छाए रहे। शाम के समय 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली। जयपुर का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अजमेर में शाम करीब पांच बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। दौसा में करीब 20 मिनट तक बारिश और तेज हवा चली। वहीं मानपुर अस्पताल परिसर में एक पीपल का पेड़ गिर गया, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। चित्तौड़गढ़ में दोपहर बाद घने बादल छाने के बाद तेज बारिश और आंधी आई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
हालांकि राज्य के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पिलानी और जैसलमेर में 41.2 डिग्री, बाड़मेर में 41.1 डिग्री, चूरू में 40.9 डिग्री तथा श्रीगंगानगर में 40.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां और मजबूत होंगी। इसके चलते बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

