नई दिल्ली. केरल में अब सिर्फ साक्षरता और हेल्थकेयर मॉडल के लिए ही नहीं बल्कि तेजी से जनसंख्या बुज़ुर्ग आबादी यानी बढ़ती आबादी के कारण पर भी चर्चा है। राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि अब सरकार उन्हें नीति और राजनीति के बजाय केवल कल्याण योजना का हिस्सा बनाकर केंद्र में लाने की तैयारी कर रही है।
इसी दिशा में Kerala की कांग्रेस सरकार बुज़ुर्गों के लिए अलग मंत्रालय बनाने पर काम कर रही है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत का पहला Elderly Affairs Ministry होगा। फिलहाल बुज़ुर्गों से जुड़े मुद्दे Social Welfare Department के अंतर्गत आते हैं, लेकिन सरकार का मानना है कि बदलती जनसंख्या संरचना के बीच Senior Citizens की समस्याओं को अलग स्तर पर देखने की जरूरत है।
Kerala में तेजी से क्यों बढ़ रही है बुज़ुर्ग आबादी?
Kerala आज भारत का सबसे तेजी से ageing state बन चुका है। Elderly in India Report के अनुसार राज्य की बड़ी आबादी 60 वर्ष से ऊपर पहुंच चुकी है और आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा। इसके पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं।
- तेजी से गिर रही Fertility Rate
Kerala में Total Fertility Rate लगातार नीचे जा रही है। अब प्रति महिला बच्चों की संख्या Replacement Level से काफी कम हो चुकी है। इसका सीधा असर Population Growth पर पड़ रहा है और युवा आबादी का अनुपात घट रहा है।
- बढ़ी Life Expectancy
बेहतर Healthcare System और Medical Facilities के कारण लोगों की औसत आयु बढ़ी है। Kerala में महिलाओं की Life Expectancy देश में सबसे अधिक मानी जाती है। इसका परिणाम यह हुआ कि बुज़ुर्ग आबादी लगातार बढ़ रही है।
- Youth Migration बना बड़ी वजह
राज्य से बड़ी संख्या में युवा Gulf Countries और दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए पलायन कर चुके हैं। हजारों परिवार ऐसे हैं जहां बुज़ुर्ग माता-पिता अकेले रह रहे हैं। यही कारण है कि Kerala में Loneliness among Elderly अब बड़ा Social Issue बन चुका है।
Kerala को क्यों कहा जा रहा है ‘Grey Land’?
विशेषज्ञ अब Kerala को ‘Grey Land’ कहने लगे हैं। इसका मतलब है ऐसा राज्य जहां Elderly Population तेजी से बढ़ रही हो।
गांवों और छोटे शहरों में ऐसे घरों की संख्या लगातार बढ़ रही है जहां सिर्फ बुज़ुर्ग दंपति या अकेले Senior Citizens रह रहे हैं। Traditional Joint Family System कमजोर पड़ रहा है और Old Age Homes की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में वृद्धाश्रमों में रहने वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। यह सिर्फ सामाजिक बदलाव नहीं बल्कि आने वाले समय की बड़ी Economic और Healthcare Challenge भी माना जा रहा है।
Senior Citizens अब बन रहे हैं बड़ा Vote Bank
Kerala में लगभग 20% वोटर Senior Citizens हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दल अब Elderly Welfare को चुनावी मुद्दे के रूप में देखने लगे हैं।
सरकार ने हाल के वर्षों में कई नई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शामिल हैं:
बुजुर्गों के लिए बजट
टेलीमेडिसिन सेवाएं
उपशामक देखभाल
वरिष्ठ नागरिक पेंशन
सामुदायिक सहायता कार्यक्रम
घर-आधारित स्वास्थ्य सेवा
राज्य की नई Senior Citizen Policy 2026 का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है जहां कोई बुज़ुर्ग अकेला या उपेक्षित महसूस न करे।
महिलाओं में ज्यादा दिख रहा Ageing Impact
Kerala में 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों से कहीं ज्यादा है। बड़ी संख्या में बुज़ुर्ग महिलाएं विधवा हैं और अकेले जीवन जी रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार Elderly Women Poverty और Social Isolation आने वाले समय की बड़ी चुनौती बन सकती है। यही वजह है कि राज्य सरकार Women-Centric Elderly Care Model पर भी फोकस कर रही है।
मनरेगा में काम कर रहे बुज़ुर्ग, बढ़ रही आर्थिक चिंता
Kerala में MGNREGA के तहत काम करने वाले श्रमिकों में बड़ी संख्या बुज़ुर्गों की है। कई Senior Citizens आर्थिक मजबूरी में काम कर रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि Ageing Crisis केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि आर्थिक संकट भी बनती जा रही है।
सिर्फ Kerala नहीं, पूरे भारत के लिए चेतावनी
विशेषज्ञ मानते हैं कि Kerala आज जिस स्थिति का सामना कर रहा है, आने वाले 15-20 वर्षों में भारत के दूसरे राज्य भी उसी दिशा में बढ़ सकते हैं।
Tamil Nadu, Andhra Pradesh, Punjab और Himachal Pradesh जैसे राज्यों में भी Elderly Population तेजी से बढ़ रही है। वहीं उत्तर भारत के युवा राज्यों में भी आने वाले समय में यही बदलाव देखने को मिल सकता है।
बदलता भारत: Young India से Ageing India तक
भारत खुद को लंबे समय से Young Nation कहता रहा है, लेकिन Kerala ने यह दिखा दिया है कि आने वाले समय में Ageing India भी उतनी ही बड़ी सच्चाई होगी।
बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी केवल Population Data नहीं है। इसका असर Healthcare, Economy, Politics, Social Structure और Family System तक पर पड़ने वाला है।
Kerala का प्रस्तावित Senior Citizens Ministry शायद इस बदलते भारत की पहली बड़ी राजनीतिक और सामाजिक स्वीकार्यता बन सकता है।
