नई दिल्ली. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों की पहुंच और विश्वसनीयता बेहतर बनाने के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2027 में कई बदलाव प्रस्तावित किए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत आने वाले NSO की इस पहल में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए अलग सैंपलिंग श्रेणी बनाने, सर्वेक्षण के सैंपलिंग फ्रेम को अपडेट करने और आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया में नए विषय शामिल करने का प्रस्ताव है।
इन बदलावों के तहत घरेलू कामकाज, देखभाल संबंधी गतिविधियों, स्वयंसेवा, बिना वेतन प्रशिक्षण और अपने उपयोग के लिए वस्तुओं के उत्पादन से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम लोगों से 15 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए अलग श्रेणी
PLFS 2027 के प्रस्तावित बदलावों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए अलग सैंपलिंग स्ट्रेटम बनाने की योजना शामिल है। इसका उद्देश्य ऐसे कामगारों को सर्वेक्षण में बेहतर तरीके से शामिल करना है, ताकि श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों में उनकी स्थिति को अधिक स्पष्टता से दर्ज किया जा सके।
इसके अलावा, शहरीकरण और प्रशासनिक सीमाओं में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण का सैंपलिंग फ्रेम भी अपडेट किया जाएगा। नमूनों के आवंटन और अलग-अलग श्रेणियों में उनके वर्गीकरण के मानदंडों में संशोधन का भी प्रस्ताव है।
इन बदलावों का उद्देश्य सर्वेक्षण के दायरे को बेहतर बनाना और श्रम बाजार से संबंधित आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
घरेलू कामकाज और बिना वेतन वाली गतिविधियों का भी जुटेगा डेटा
प्रस्ताव के तहत PLFS के सर्वेक्षण कार्यक्रम में कुछ नए सवाल जोड़े जाएंगे। इनके जरिए बिना वेतन किए जाने वाले घरेलू काम, परिवार के सदस्यों की देखभाल, स्वयंसेवी गतिविधियों, बिना वेतन प्रशिक्षण और व्यक्तिगत उपयोग के लिए वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
ये सवाल ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में सर्वेक्षण के पहले दौरे के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों से पूछे जाएंगे।
इस बदलाव के जरिए रोजगार और श्रम गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों में उन कामों को भी दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा, जिनके लिए आमतौर पर वेतन नहीं मिलता। इनमें घरेलू जिम्मेदारियां और देखभाल संबंधी काम भी शामिल हैं।
नए सैंपलिंग फ्रेम पर जाने के लिए बनेगी संक्रमण व्यवस्था
सर्वेक्षण की नई व्यवस्था लागू करते समय आंकड़ों की निरंतरता बनाए रखने के लिए भी योजना तैयार की गई है। अगले वर्ष के पहले तीन महीनों के दौरान मासिक अनुमान मौजूदा और अपडेट किए गए, दोनों सैंपलिंग फ्रेम से लिए गए नमूनों के आधार पर तैयार किए जाएंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने और नए सैंपलिंग फ्रेम के बीच बदलाव को सुचारु बनाना है, ताकि इस अवधि में श्रम बाजार के मासिक आंकड़ों को तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
15 दिनों में मांगे गए सुझाव
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर विभिन्न हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है। इसमें नीति निर्माता, शोधकर्ता, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, प्रेस विज्ञप्ति जारी होने के 15 दिनों के भीतर सुझाव और टिप्पणियां भेजी जा सकती हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर प्रस्तावित बदलावों पर विचार किया जाएगा।
PLFS में प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य श्रम बाजार के आंकड़ों को अधिक व्यापक और भरोसेमंद बनाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों से लेकर बिना वेतन किए जाने वाले घरेलू और देखभाल संबंधी काम तक, सर्वेक्षण के दायरे में इन गतिविधियों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।

