नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रोविजनल वार्षिक अनुमान और चौथी तिमाही (Q4) के GDP आंकड़े जारी करने की तारीख में बदलाव किया है। अब ये आंकड़े हर वर्ष मई के अंतिम कार्य दिवस की बजाय 7 जून को जारी किए जाएंगे। सरकार ने यह फैसला राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी सलाहकार समिति से परामर्श के बाद लिया है।
डेटा की गुणवत्ता और मजबूती बढ़ाने पर जोर
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खातों के संकलन में उपयोग होने वाले आंकड़ों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। मंत्रालय ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का अधिक सटीक विश्लेषण और सत्यापन किया जा सकेगा, जिससे GDP अनुमान अधिक विश्वसनीय बनेंगे।
आर्थिक आंकड़ों की पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
मंत्रालय का कहना है कि यह कदम देश की आर्थिक सांख्यिकी को अधिक मजबूत, व्यापक और पारदर्शी बनाने की दिशा में जारी प्रयासों का हिस्सा है। सरकार लगातार राष्ट्रीय आय से जुड़े डेटा संग्रह और विश्लेषण प्रणाली को आधुनिक और बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों के लिए भी होगा फायदेमंद
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि GDP आंकड़े जारी करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिलने से डेटा में संशोधन की संभावना कम होगी और निवेशकों, नीति निर्माताओं तथा शोधकर्ताओं को अधिक भरोसेमंद आर्थिक संकेतक मिल सकेंगे।
पहले कब जारी होते थे आंकड़े
अब तक सरकार हर वर्ष मई के अंतिम कार्य दिवस पर प्रोविजनल GDP अनुमान और चौथी तिमाही के GDP आंकड़े जारी करती थी। नई व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया 7 जून को पूरी की जाएगी।
