नई दिल्ली: Supreme Court of India ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार समेत संबंधित एजेंसियों से विस्तृत जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant और न्यायमूर्ति Justice Joymalya Bagchi की पीठ ने Directorate General of Foreign Trade और Commission for Agricultural Costs and Prices को भी नोटिस जारी किया।
क्या है मामला?
याचिका में कहा गया है कि MSP तय करते समय राज्यों के अनुसार खेती की वास्तविक लागत (Cost of Cultivation) को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। अलग-अलग राज्यों में बीज, उर्वरक, सिंचाई, मजदूरी और भूमि लागत में भारी अंतर होता है, ऐसे में एक समान MSP नीति किसानों के साथ न्याय नहीं करती।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि MSP तय करना एक जटिल आर्थिक और नीतिगत प्रक्रिया है। कोर्ट ने कहा किअलग-अलग राज्यों में लागत का ढांचा अलग है, एक समान MSP नीति हर जगह लागू करना व्यावहारिक नहीं हो सकता यह मामला सीधे तौर पर आर्थिक नीति से जुड़ा है
इससे संकेत मिलता है कि अदालत इस विषय में सीमित दखल रखते हुए सरकार से स्पष्ट रुख चाहती है।
स्वामीनाथन आयोग का हवाला
याचिका में MS Swaminathan Commission की सिफारिशों का उल्लेख किया गया है। आयोग ने सुझाव दिया था कि किसानों को उनकी लागत (C2) पर कम से कम 50% मुनाफा जोड़कर MSP दिया जाए (C2+50%)।
हालांकि, किसानों के संगठनों का दावा है कि वर्तमान MSP इस फार्मूले से कम है।
MSP कैसे तय होता है?
MSP की सिफारिश Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) करता है, जो निम्न कारकों को ध्यान में रखता है: उत्पादन लागत (A2+FL और C2), मांग और आपूर्ति
बाजार मूल्य रुझान
अंतरराष्ट्रीय कीमतें
उपभोक्ताओं और किसानों के हितों का संतुलन
अंतिम निर्णय केंद्र सरकार लेती है।
किसानों के लिए क्यों अहम है मामला?
MSP किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी देता है
कीमत गिरने पर यह सुरक्षा कवच का काम करता है
फसल उत्पादन के फैसलों पर MSP का बड़ा असर होता है
आगे क्या?
अब केंद्र सरकार को कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले का फैसला MSP नीति में बदलाव या राज्यों के हिसाब से अलग मॉडल लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यह मुद्दा पहले भी किसान आंदोलनों के दौरान प्रमुख रहा है और आने वाले समय में कृषि नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
