नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और लगातार सामने आ रहे Paper Leak के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में पेपर लीक अब एक सामान्य घटना बनती जा रही है, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की मौजूदा Education System आज की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार वर्तमान व्यवस्था सरकार-केंद्रित है, जबकि अब समय आ गया है कि देश में Student-Centric Education System लागू किया जाए, जिसमें छात्रों की जरूरतों और उनके भविष्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
‘ईमानदार छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान’
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों की संख्या बहुत कम होती है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन लाखों छात्रों को उठाना पड़ता है जो ईमानदारी से मेहनत करते हैं। उनके मुताबिक, केवल एक प्रतिशत लोग गलत रास्ता अपनाते हैं, जबकि 99 प्रतिशत मेहनती और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इसका खामियाजा भुगतते हैं।
उन्होंने दावा किया कि अब तक करीब 7.5 करोड़ छात्र पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं और 152 मामलों की जानकारी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद दोषियों को सजा नहीं मिली है।
दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में दोष सिद्ध होने की दर लगभग शून्य है। उनके अनुसार अब तक किसी भी आरोपी को प्रभावी सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सामने आए मामले वास्तविक स्थिति का केवल एक छोटा हिस्सा हैं और संभव है कि कई पेपर लीक की घटनाएं कभी सामने ही न आई हों।
हाई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का दावा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आजकल पेपर लीक के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास बड़ी रकम होती है, वे मनचाहा प्रश्नपत्र हासिल करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में Competitive Exams में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
युवाओं के भविष्य का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि देश में हर साल करोड़ों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बहुत कम अभ्यर्थियों का चयन हो पाता है। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष न हो तो मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि देश के युवाओं के विश्वास और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
