नई दिल्ली. राहुल गांधी के भारतीय सेना को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की है। बुधवार को मामले का जिक्र होने पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि इसके लिए उचित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री कई महीनों से मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं कर रही है।
‘राहुल गांधी इतने महत्वपूर्ण नहीं कि मामला महीनों सूचीबद्ध न हो’
वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने सुनवाई में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मामले को लंबे समय से सूचीबद्ध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी इतने महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं कि रजिस्ट्री मामले को महीनों से सूचीबद्ध ही न करे।”
इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत के लिए यह मायने नहीं रखता कि मामला किस व्यक्ति से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आवेदन दाखिल किया जाए और मामले की सुनवाई जरूर होगी।
CJI सूर्यकांत ने कहा- प्रक्रिया के तहत आवेदन दें
मुख्य न्यायाधीश ने शिकायतकर्ता के वकील से कहा कि अगर मामले की जल्द सुनवाई चाहिए तो इसके लिए औपचारिक आवेदन दाखिल करना होगा। CJI ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी व्यक्ति की हैसियत के आधार पर मामले को प्राथमिकता नहीं देती।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का पालन करने के बाद आवेदन आने पर मामले की सुनवाई की जाएगी। इस टिप्पणी के साथ अदालत ने जल्द सुनवाई के अनुरोध के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाने को कहा।
क्या है राहुल गांधी के सेना संबंधी बयान का मामला?
यह मामला वर्ष 2022 में राहुल गांधी की Bharat Jodo Yatra के दौरान भारतीय सेना को लेकर दिए गए एक बयान से संबंधित है। 16 दिसंबर 2022 को राहुल गांधी ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर टिप्पणी की थी।
राहुल गांधी ने इस मामले में उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को चुनौती दी है। पूर्व BRO Director Uday Shankar Srivastava ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से भारतीय सेना की छवि और जवानों के मनोबल को नुकसान पहुंचा।
लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने जारी किया था समन
इस मामले में लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने 11 फरवरी 2025 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया और अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को चुनौती दी।
हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर भारतीय सेना के खिलाफ बयान नहीं दिया जा सकता।
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी
इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2025 को मामले में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के उस दावे को लेकर भी सवाल उठाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारत की करीब 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। अदालत ने इस दावे के समर्थन में उनके पास मौजूद विश्वसनीय सामग्री के बारे में सवाल किया था।
दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अपील पर सुनवाई मंजूर की
4 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। इसके साथ ही पहले से लागू अंतरिम रोक को भी जारी रखा गया था।
अब शिकायतकर्ता की ओर से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई है। हालांकि, CJI ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए शिकायतकर्ता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करना होगा। आवेदन के बाद मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
