नई दिल्ली. कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर में चल रहे अलग-अलग मुद्दों से जुड़े आंदोलनों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस पहल के जरिए लोग अपने आंदोलन, समस्या और मांगों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर चल रहे मुद्दा
आधारित विरोध प्रदर्शनों को एक डिजिटल मैप पर जोड़ना है।
लोगों से आंदोलन दर्ज कराने की अपील
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी मुद्दे या कथित अन्याय के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, तो उसकी जानकारी ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म पर दर्ज करें। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब दो मिनट का समय लगेगा। दर्ज की गई जानकारी के जरिए लोग यह भी देख सकेंगे कि देश के दूसरे हिस्सों में समान मुद्दों को लेकर कौन-कौन से आंदोलन चल रहे हैं।
छात्र, किसान और महिलाओं समेत कई मुद्दे होंगे शामिल
राहुल गांधी ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएं और युवा अपने अधिकारों तथा विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म का मकसद इन अलग-अलग आंदोलनों की जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराना है।
इस प्लेटफॉर्म पर जमीन, महिलाओं के अधिकार, दलित और OBC अधिकार, शिक्षा, परीक्षाओं समेत कई मुद्दों से जुड़े आंदोलनों को दर्ज किया जा सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उपयोगकर्ता अपने मुद्दे का विवरण देने के साथ यह भी बता सकते हैं कि उन्हें किस तरह के सहयोग की जरूरत है।
संसद से सड़क तक साथ देने की बात
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर जहां लोगों की आवाज दबाए जाने का आरोप है, वहां उनकी मदद करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे संसद में मुद्दे उठाने, पत्र लिखने या सड़क पर आंदोलनकारियों के साथ खड़े होने की कोशिश करेंगे। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि सच के लिए एकजुट होकर खड़ा होना जरूरी है। ‘सत्याग्रह’ नाम भी इसी विचार से जुड़ा है।
कैसे काम करेगा ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म?
प्लेटफॉर्म पर आंदोलन या समस्या से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन फॉर्म के जरिए दर्ज की जा सकती है। इसके बाद संबंधित आंदोलन को डिजिटल मैप पर प्रदर्शित किया जाएगा। इससे समान मुद्दों पर काम कर रहे अलग-अलग समूहों और लोगों के बीच संपर्क की संभावना बनेगी।
राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश में लोगों से वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरने और अपने आंदोलन को रजिस्टर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी टीम दर्ज किए गए आंदोलनों से संपर्क करेगी और यह देखने की कोशिश करेगी कि किस तरह सहयोग किया जा सकता है।

